बंगलुरू: हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों ने पूरे राज्य को चिंता में डाल दिया है । हासन जिले में पिछले 45 दिनों के अंदर 30 लोगों की जान हार्ट अटैक से जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि इस वर्ष हार्ट अटैक से होने वाली मौतों की संख्या में बेतहाशा इजाफा हुआ है । हांलाकि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैय्या इन मौतों के पीछे असली वजह की जांच की मांग कर रहे हैं । उन्होेेेंने एक लंबा चौड़ा पोस्ट लिखते हुए
हासन जिले में सार्वधिक हार्ट अटैक
कर्नाटक के हासन जिले में बीते 45 दिनों के भीतर दिल का दौरा पड़ने से 30 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से चार लोगों की मौत बुधवार को हुई, जबकि मैसूरु में एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई। राज्य में अचानक हो रही इन मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
कोविड-19 वैक्सीन का असर ?
बताया गया है कि अधिकांश मृतक पहले से किसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारी से ग्रसित थे। हालांकि कुछ लोगों की मौत बिना किसी पूर्व हृदय संबंधी समस्या के हुई, जिससे परिजनों ने चिंता जताई है। इस बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी आशंका जताई थी कि कहीं ये मौतें कोविड-19 वैक्सीन के दुष्प्रभाव का परिणाम तो नहीं। हालांकि इंडियन फार्मास्यूटिकल एलायंस ने इस आशंका को खारिज कर दिया है।
सिद्दारमैय्या ने की है वैज्ञानिक जांच की मांग
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैय्या ने सोशल मीडिया पर लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखते हुए कहा कि “वैज्ञानिक सावधानी विज्ञान विरोधी नहीं है। कई सहकर्मी-समीक्षित अध्ययनों (जैसे नेचर, सर्कुलेशन, जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी) ने मायोकार्डिटिस और कार्डियक अरेस्ट के जोखिम पर चर्चा की है, खासकर टीकाकरण के बाद युवा वयस्कों में। सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित हितधारकों को बिना किसी डर या पक्षपात के लाभ और संभावित जोखिम दोनों को स्वीकार करना चाहिए।”
As Chief Minister, I have a duty to respond to the genuine concerns of people who have lost loved ones unexpectedly. When parents lose their young children or families lose breadwinners without warning, seeking clarity is not misinformation; it is an act of governance rooted in… https://t.co/JjssvDhNeV
— Siddaramaiah (@siddaramaiah) July 3, 2025
5 महीने में 6,943 हार्ट अटैक से मौतें
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से मई 2025 तक कर्नाटक में कुल 6,943 लोग हार्ट अटैक के कारण मारे गए हैं, जिनमें केवल सरकारी अस्पतालों के आंकड़े शामिल हैं। हासन जिले में इसी अवधि में 183 मौतें दर्ज की गईं, यानी हर महीने औसतन 36 मौतें।
10 सदस्यी समिति का गठन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रधान सचिव हर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय जांच समिति गठित की है। जांच में सामने आया है कि अधिकतर मृतक 50 वर्ष से कम उम्र के थे और पांच मृतक 20 वर्ष से भी कम उम्र के थे। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कई लोगों की कोई पूर्व हृदय रोग की जानकारी नहीं थी।
सीने में है दर्द तो चिंता का विषय
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आश्वासन दिया है कि मृतकों की परिस्थितियों की जांच कर उचित कारण और समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल, जिन मरीजों को सीने में दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल लाया जा रहा है, उन्हें बेंगलुरु के बड़े अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सा के लिए रेफर करने के निर्देश दिए गए हैं।




