नेमराः दिशोम गुरु शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने गांव नेमरा में ही । नेमरा और आस -पास के सैकड़ों गांवों से लोग आकर हेमंत सोरेन से मिल रहे हैं । गुरुजी के घर के बरामदे में मां रुपी सोरेन के साथ हेमंत सोरेन बैठ कर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं । स्थानीय लोग शोक की इस घड़ी में दिलासा दे रहे हैें गुरुजी से जुड़ी यादें साझा कर रहे हैं । साथ ही गुरुजी की अंत्येष्ठि के बाद होने वाले नहान-खान, दसकर्म और श्राद्ध कर्म को लेकर चर्चा हो रही है ।
भाई बसंत सोरेन भी हेमंत के साथ बैठे नजर आ रहे हैं । नेमरा में पूरी संताली परंपरा के साथ क्रिया कर्म हो रहा है । हेमंत सोरेन एक धोती का इस्तेमाल कर रहे हैं । खाने-पीने सहित तमाम चीजों का खास खयाल रखा जा रहा है । दिशोम गुरु के गांव नेमरा में हेमंत सोरेन साथ ये मुलाकात आदिवासी समाज की सामूहिकता का प्रतीक है । नेमरा में अनुभवी ग्रामीण दस कर्म और श्राद्ध को लेकर जो रिवाज चले आ रहे हैं उसकी पूरी जानकारी दे रहे हैं । हेमंत सोरेन भी अपने भाई बसंत सोरेन और मां रुपी सोरेन के साथ सभी के साथ सलाह मशविरा करते हुए दिख रहे हैं । मां रूपी सोरेन परिवार की सबसे बुजुर्ग हैं….इसलिए उनकी इजाजत के बिना किसी भी तरह का काम नहीं हो रहा है ।
हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर अपने समर्थकों और गुरुजी के चाहने वालों को दसकर्म और श्राद्ध के बारे में जानकारी साझा की है । उन्होंने पूरे नेमरा के फैसले को मानने का फैसला किया है…गांव के बड़े बुजुर्ग जैसा कह रहे हैं मेंत सोरेन भी उसी तरह से काम करते हुए दिखे । अपने लोगों के अलावा हेमंत सोरेन से पार्टी के नेता, मंत्रियों और विधायकों का भी मिलना लगा है । खासतौर से शिबू सोरेन के पुराने साथी हेमंत सोरेन से मिलकर उनके साथ अपने दुख साझा कर रहे हैं ।
शिबू सोरेन के निधन के बाद पांच अगस्त को नेमरा के उनके गांव में अंत्येष्ठि हुई । हजारों लोग दिशोम गुरु को अंतिम जोहार कहने के लिए पहुंचे थे । नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत देश भर से बड़ी संख्या में जाने-माने लोग नेमरा में पहुंच दिशोम गुरु को अंतिम जोहार कहा ।








