चतरा को राजनीतिक अभिशाप से मुक्ति के लिए इस बार कलाकार, डॉक्टर और पूर्व आईएएस अधिकारी हैं चुनावी मैदान में, बीजेपी-कांग्रेस-आरजेडी को लग सकता है झटका

Megha, rajeev kumar, dr abhishekh singh

चतराःलोकसभा सीट पर एक कलाकार, एक डॉक्टर और एक पूर्व नौकरशाह  मैदान में है । नामांकन किसी का नहीं हुआ है लेकिन मेहनत सब कर रहे हैं कोई निर्दलीय है तो कोई क्षेत्रीय पार्टी के साथ । मुकाबला दिलचस्प है । कलाकार है मेघा श्रीराम डॉल्टन जो लोक गायिका,बॉलिवुड सिंगर और गांधीवादी विचारधारा की प्रचारक हैं । दूसरी ओर हैं पूर्व आईएएस अधिकारी राजीव कुमार लातेहार जिले के डिप्टी कमिश्नर रह चुके हैं औऱ झारखंड स्टेट लाइवलीहूड प्रोमोशनल सोसाइटी में अपने काम काज के लिए चर्चित रहे हैं । तीसरा नाम है डॉक्टर अभिषेक सिंह का ।  ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंस (एम्स) दिल्ली से पढ़ाई करने के बाद रांची में आंखों के जाने माने डॉक्टर हैं । उनकी पत्नी भी दांतों की डॉक्टर हैं । एक चौथा नाम जो चतरा में चर्चित हैं वो है बीजेपी उम्मीदवार कालीचरण सिंह का । जाति से भूमिहार और बीजेपी के स्थानीय नेता हैं । इस बार सुनील सिंह का भारी विरोध देखते हुए बीजेपी ने उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है ।  इन चारों में तीन उम्मीदवार मेघा श्रीराम डॉल्टन, डॉ अभिषेक सिंह और राजीव कुमार तीनों अपने-अपने क्षेत्र के प्रसिद्ध नाम हैं और इलाके में चुनाव से पहले लोकप्रिय रह चुके हैं । तीनों ने अपना मुकाम किसी राजनीतिक सहयोग से हासिल किया है ।

सबसे पहले अगर बात मेघा श्रीराम डॉल्टन की करें तो उन्हें देश के जानी-मानी लोक गायिका में जाना जाता है । देश भर के मंचो में वो छोटानागपुरी गीतों का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। गांधी को लेकर उनके जुनून से सब वाकिफ है । उन्होंने स्थानीय बोली में जिस तरीके से गांधी को गाया है वो सोशल मीडिया सहित देश के बड़े-बडे़ मंचों पर सराहा जाता है । बॉलीवुड करियर को छोड़ जन्मभूमि झारखंड में अपना जीवन देने वाली मेघा ने खुद को पहले डाल्टनगंज के लिए मेयर प्रत्याशी के तौर पर सबके सामने रखा लेकिन चुनाव नहीं होने की वजह से उन्होंने चतरा लोकसभा सीट जिसका एक बड़ा हिस्सा  लातेहार में आता है की प्रत्याशी के तौर पर सामने आईं ।  उनके पति श्रीराम डाल्टन रांची से चुनाव लड़ने वाले हैं । दोनों एक दूसरे के राजनीतिक और सामाजिक-सांस्कृतिक सहयोगी भी हैं ।

दूसरा नाम है राजीव कुमार का । पूर्व आईएएस अधिकारी । लातेहारर का बच्चा-बच्चा राजीव कुमार को बहुत अच्छी तरह जानता है। जब वे लातेहार के डीसी रहे थे तब उनके काम-काज के तरीके से देश के सबसे पिछड़े जिले के लोग बहुत प्रभावित रहे । माना जाता है कि राजीव कुमार ने डीसी रहते ही इलाके के विकास के लिए चुनाव लड़ने की प्लानिंग बना ली थी । वे लोहरदगा से आते हैं और स्थानीय समस्याओं से उनसे बेहतर शायद ही कोई जानता हो । उनका विजन साफ है । बातचीत के दौरान उन्होंने स्थानीय समस्याओं को किस तरह से दूर किया जाए इसके लिए कई गंभीर उपाय बताते हैं। झारखंड स्टेट लाइलीहूड प्रोमोशनल सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के मुखिया होने के नाते होने महिला समूहों का जिस तरह निर्माण किया उसकी तारीफ देश भर में हुई हैं। आज हजारों महिला समूह राजीव कुमार को याद करती हैं और उनकी समर्थक मानी जाती हैं । जाहिर है राजीव कुमार की एक बड़ी पकड़ इलाके पर मानी जाती है।

तीसरा नाम है डॉ अभिषेक सिंह का । युवा डॉक्टर । जोश से लबरेज । लामकाफ से दूर और सबसे बड़ी बात राजनीति  में आने की इच्छा, चुनाव लड़ने का जज्बा  और कुछ कर गुजरने की चाहत ।  ये सारे मेल बहुत ही कम मिलते हैं ।  डॉक्टर अभिषेक मूल रुप से रांची के रहने वाले हैं और चतरा में पिछले कई वर्षों से अपना दायरा बढ़ा रहे हैं । इलाके में घूम-घूम कर लोगों की आंखों का इलाज करते हैं, गरीबों को चश्मा देते हैं । उनकी इस दरियादिली के कायल  पूरा चतरा संसदीय क्षेत्र हैं। सैकड़ों बुजुर्ग तो उन्हें अपने आंखों का चिराग मानते हैं । सोशल मीडिया पर भी उनके अच्छे खासे फैन फॉलोवर्स हैं ।  सिद्धांतवादी होने की वजह से किसी तरह का राजनीतिक संरक्षण हासिल नहीं होने की वजह से एकला चलो की राह पकड़ी है और चुनावी मैदान में किस्मत आजमा कर चतरा का उसका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध नजर आते हैं  

बहरहाल तीनों प्रत्याशी, मेघा, अभिषेक और राजीव कुमार  अपनी इच्छाशक्ति से राजनीति में है । तीनों अपने-अपने क्षेत्र के नामी नाम हैं । अब चतरा की किस्मत है कि उसे किस तरह से पिछड़ेपन के राजनीतिक अभिशाप से मुक्ति मिलती है ।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now