डेस्कः आसनसोल मंडल के अंतर्गत लाहाबन–सिमुलतला रेलखंड पर मालगाड़ी के पटरी से उतर जाने के कारण चौथे दिन मंगलवार को भी रेल परिचालन गंभीर रूप से प्रभावित रहा। जसीडीह–झाझा रेलखंड पर ट्रैक में अवरोध के चलते 30 और 31 दिसंबर को चलने वाली कई पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों को रद, परिवर्तित, शार्ट टर्मिनेट अथवा पुनर्निर्धारित किया गया है।रेलवे प्रशासन परिचालन के लिए तेजी से कार्य कर रहा है, लेकिन सावधानी बरतते हुए ट्रेनों के संचालन में बदलाव किए गए हैं। मंगलवार को डाउन ट्रैक चालू कर दिया गया है, पर अभी यात्री ट्रेनों का परिचालन सामान्य नहीं हो सका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 ट्रेनें आसनसोल-हावड़ा मंडल व 25 ट्रेनें दानापुर मंडल से परिवर्तित की गईं।
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वहीं, 11 ट्रेनें हावड़ा-आसनसोन व एक ट्रेन दानापुर मंडल से रद की गई। मेन लाइन पर परिचालन शुरू नहीं होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर रेलवे को टैग कर शिकायत दर्ज कराई है।यात्री गौतम भारती ने बताया कि ट्रेनों को परिवर्तित करने की सूचना आधे घंटे पहले मिल रही है। ऐसे में पटना से गया जाकर ट्रेन पकड़ना मुश्किल है। विलंब से ट्रेनों के परिचालन के कारण निर्धारित समय पर जनशताब्दी का परिचालन नहीं हो सका। नियमित परिचालन प्रारंभ करने के लिए बुधवार को 12024 पटना-हावड़ा और 12023 हावड़ा-पटना जनशताब्दी को रद कर दिया गया है।हालांकि, पटना-हावड़ा और हावड़ा-पटना वंदे भारत के परिचालन पर कोई विशेष असर नहीं पड़ा है। जनशताब्दी पांच घंटे की देरी से, तो वंदे भारत समय से खुली। पटना-हावड़ा मेन लाइन पर परिचालन बंद रहने के कारण मंगलवार को 5.05 घंटे की देरी से पटना-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस खुली।वापसी में हावड़ा-पटना जनशताब्दी आठ घंटे की देरी से पटना के लिए खुली। इससे यात्रियों को परेशानी हुई। पटना-हावड़ा वंदे भारत आठ मिनट की देरी से खुली और 3.16 घंटे की देरी से हावड़ा पहुंची, जबकि वापसी में 2.44 घंटे की देरी से पटना के लिए रवाना हुई।
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67 घंटे बाद डाउन लाइन पर चली इलेक्ट्रिक मालगाड़ी
हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग पर सिमुलतला के समीप मालगाड़ी हादसे के बाद 67 घंटे से ठप पड़े रेल परिचालन को लेकर हो रहा इंतजार समाप्त हो गया। रेलवे ने मंगलवार को ट्रैक बहाली को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए डाउन लाइन पर ट्रेनों के परिचालन की अनुमति दी।इसके बाद सिमुलतला से रात 07:32 बजे चली इलेक्ट्रिक मालगाड़ी (धनबाद) ने घटनास्थल के पास डाउन लाइन को रात 07:53 बजे सफलतापूर्वक पार कर लिया। इस मालगाड़ी में 58 डिब्बे थे। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। अप लाइन पर भी ट्रेन के परिचालन की कवायद जारी है।
30 दिसंबर को रद ट्रेनें
रेलवे बुलेटिन के अनुसार 13157 कोलकाता–मुजफ्फरपुर तिरहुत एक्सप्रेस (30 दिसंबर) को पूर्णतः रद कर दिया गया है। इसके अलावा 13509 आसनसोल–गोंडा, 13021 हावड़ा–रक्सौल, 13029 हावड़ा–मोकामा, 13030 मोकामा–हावड़ा, 63297 देवघर–झाझा और 63571 जसीडीह–मोकामा पैसेंजर भी रद रहीं। जाज–जसीडीह मेमू 63566 को भी 30 दिसंबर को रद किया गया है।
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तीन ट्रेनें बुधवार को भी रहेंगी
रद 31 दिसंबर को 13022 रक्सौल–हावड़ा एक्सप्रेस, 13030 मोकामा–हावड़ा एक्सप्रेस तथा 13510 गोंडा–आसनसोल एक्सप्रेस को भी रद कर दिया गया है।
परिवर्तित की गईं प्रमुख ट्रेनें
अवरोध के कारण कई ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है। 18621 पटना–हटिया पाटलिपुत्र एक्सप्रेस गया–धनबाद मार्ग से, 15272 मुजफ्फरपुर–हावड़ा जनसाधारण एक्सप्रेस मुंगेर–भागलपुर–रामपुरहाट मार्ग से, 15027 संबलपुर–गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस धनबाद–गया–किऊल मार्ग से तथा 12351 हावड़ा–राजेंद्रनगर टर्मिनल एक्सप्रेस प्रधानखुंटा–धनबाद–गया–पटना मार्ग से चलाई जा रही है।
इसके अलावा हावड़ा–पटना जनशताब्दी, मधुपुर–आनंद विहार एक्सप्रेस, भागलपुर–आनंद विहार गरीब रथ, अमृतसर–हावड़ा मेल, विभूति एक्सप्रेस, राजेंद्रनगर–हावड़ा एक्सप्रेस, गोरखपुर–कोलकाता एक्सप्रेस, जयनगर–सियालदह एक्सप्रेस समेत दर्जनों ट्रेनों को भागलपुर, रामपुरहाट, गया और धनबाद होकर परिवर्तित किया गया है। वहीं, 22347 हावड़ा–पटना वंदे भारत एक्सप्रेस को 30 दिसंबर को निर्धारित समय से विलंब से रवाना किया गया।




