रांची जिला प्रशासन ने मंगलवार को ऑनलाइन बैठक कर शहर के सभी प्रमुख जल स्त्रोतों—नदी, तालाब, डैम एवं अन्य स्रोतों—के संरक्षण और अतिक्रमण हटाने की दिशा में समीक्षा की। बैठक में कांके, हटिया और गेतलसूद डैम के आसपास जारी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट ली गई और निर्देश दिया गया कि जिन चिन्हित अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया गया है, उन्हें शीघ्र हटाया जाए।
हरमू, हिनू और भूसुर नदी सहित शहर के प्रमुख तालाबों से अतिक्रमण हटाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शहरी क्षेत्र के सभी जल स्त्रोतों को उनके मूल नक्शे के आधार पर चिन्हित कर, जल क्षेत्र और आसपास की सरकारी भूमि से अवैध कब्जा तुरंत हटाया जाए। इसके लिए अपर समाहर्त्ता रांची को रोस्टर तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया, ताकि सभी अंचल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कर सकें।
बैठक के दौरान पंचशील नगर क्षेत्र में अतिक्रमण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। स्पष्ट निर्देश दिया गया कि राजस्व नक्शे के अनुसार जल स्त्रोतों के आसपास से अतिक्रमण हटाना अनिवार्य है। साथ ही सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने की त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया।
प्रशासन ने दोहराया कि जल स्त्रोत जीवन और पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। रांची जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि शहर के सभी जल स्त्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कर सुरक्षित और संरक्षित किया जाए। नागरिकों से भी अपील की गई कि वे जल स्त्रोतों के आसपास अतिक्रमण न करें और जल संरक्षण अभियान में प्रशासन का सहयोग करें।




