रांचीः रिम्स कैंटीन की चाय पीने के बाद स्त्री व प्रसूति विभाग की पीजी स्टूडेंट की तबीयत बिगड़ गयी। उन्हें क्रिटिकल केयर के आईसीयू में भर्ती कराया गया। महिला डॉक्टर को वेंटिलेटर पर रखा गया है। क्रिटिकल केयर के विभागाध्यक्ष डॉक्टर प्रदीप भट्टाचार्या और डॉक्टरों की टीम महिला डॉक्टर के स्वास्थ्य पर नजर रखी हुई है। अगले 48 घंटे को क्रिटिकल बताया गया है। इस घटना के बाद रिम्स स्थित कैंटीन का लाइसेंस रद्द कर दिया गया और उसे सील भी कर दिया गया है। चाय के सैंपल और कैंटिन में मौजूद अन्य खाद्य सामग्रियों की जांच होगी।
रिम्स में चाय पीने के बाद बिगड़ गई डॉक्टर की तबीयत, स्थिति नाजुक, ICU में भर्ती
रिम्स निदेशक डॉक्टर राजकुमार और अधीक्षक डॉक्टर हिरेंद्र बिरूआ ने भी छात्रा के स्वास्थ्य की जानकारी ली। छात्रा ने गुरुवार रात 11 बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद सहपाठियों के साथ रिम्स की कैंटीन से चाय मंगायी। प्लास्टिक की थैली में चाय लायी गयी। उसके सहपाठियों ने दुर्गंध आने की बात कह चाय नहीं पी। पीड़ित डॉक्टर ने चाय पी ली। कुछ ही मिनट बाद उसकी तबीयत बिगड़ गयी। डॉक्टर विषाक्त पदार्थ का सेवन को आधार बना इलाज कर रहे है। रिम्स प्रबंधन ने जांच कमेटी का गठित कर दी है। टीम में मेडिसिन के विभागाध्यक्ष, गाइनो की विभागाध्यक्ष डॉ भपेंद्र सिंह को रखा गया है। टीम को पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया गया है।
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स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से रिम्स निदेशक को शीघ्र बर्खास्त करने की मांग की है। स्वास्थ्य मंत्री ने रिम्स की दुर्दशा के लिए निदेशक को जिम्मेदार ठहराया है। इरफान अंसारी ने कहा कि वह न्यायालय का सम्मान करते हैं, लेकिन निदेशक का गैर-जिम्मेदाराना रवैया अस्वीकार्य है। उन्होने मुख्यमंत्री से रिम्स निदेशक मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। डॉक्टर इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि निदेशक रिम्स को राजनीति का अड्डा बना चुके हैं, जो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होने चाय पीने से डॉक्टर की तबीयत बिगड़ने की घटना को गंभीरता से लिया है। कैंटीन संचालक का लाइसेंस तत्काल रद्द कर दिया है।




