डेस्कः इटखोरी अंचलाधिकारी सविता सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ है। इस वायरल वीडियो में सीओ पुलिस हिरासत में लिये गए युवक को डंडे से मारते और गालियां देते दिखाई दे रही है। घटना 20 फरवरी भद्रकाली मंदिर गेट के पास महोत्सव के दौरान की बताई जा रही है। इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीओ पर कार्रवाई की मांग की है। बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने भी विधानसभा के अंदर इस मामले को उठाया है। इसके साथ ही सीपी सिंह ने रजरप्पा मंदिर परिसर में युवक के पिटाई का भी मामला सदन में उठाया है।
रजरप्पा के छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर में युवक की पिटाई, मां और पत्नी के सामने पुलिस ने पीटा, VIDEO वायरल
इटखोरी सीओ के मामले को लेकर बाबूलाल मरांडी ने अपने ट्विटर (एक्स) और फेसबुक पेज पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि चतरा जिले में पुलिस की मौजूदगी में एक महिला सीओ द्वारा युवकों के सिर पर डंडे से प्रहार करने की घटना बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासनिक पद पर बैठे किसी भी अधिकारी से संयम, संवेदनशीलता और कानूनसम्मत आचरण की अपेक्षा की जाती है।
विधि सम्मत कार्रवाई क्यों नहीं की गई: बाबूलाल मरांडी
उन्होंने कहा कि कानून लागू कराने का दायित्व जिनके कंधों पर है, यदि वही कानून हाथ में लेने लगें तो यह व्यवस्था की मूल भावना पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। यदि संबंधित युवकों से कोई गलती हुई भी थी, तो उसके लिए विधि सम्मत कार्रवाई के प्रावधान मौजूद हैं। बीच सड़क इस प्रकार सार्वजनिक रूप से प्रताड़ित करना न तो न्यायसंगत है और न ही प्रशासनिक मर्यादा के अनुरूप है।
चतरा जिले में पुलिस की मौजूदगी में एक महिला सीओ द्वारा युवकों के सिर पर डंडे से प्रहार करने की घटना बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासनिक पद पर बैठे किसी भी अधिकारी से संयम, संवेदनशीलता और कानूनसम्मत आचरण की अपेक्षा की जाती है। कानून लागू कराने का दायित्व जिनके कंधों पर… pic.twitter.com/LLuJbKlDq1
— Babulal Marandi (@yourBabulal) March 9, 2026
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प्रशासनिक विश्वसनीयता प्रभावित
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और प्रशासन की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं। उन्होंने चतरा उपायुक्त से मांग की है कि संबंधित सीओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए तथा प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। हालांकि इस पूरे मामले में जिला प्रशासन की ओर से अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर जिले में चर्चा का माहौल बना हुआ है।




