हिजाब नहीं हटाना चाहिए था, मांफी मांगें सीएम नीतीश कुमार; इमारत-ए-शरिया के सचिव भड़के

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पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला आयुष चिकित्सक के चेहरे से हिजाब हटाने का विवाद नहीं थम रहा है। अब इसपर बिहार, ओडिशा तथा झारखंड के इमारत-ए-शरिया के सचिव मौलाना मुफ्ती मोहम्मद सईदउर रहमान कासमी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। मौलना रहमान कासमी ने कहा कि नियुक्ति पत्र देने के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक महिला का हिजाब हटाया। हम इसकी सख्त लहजे में निंदा करते हैं। इनको ऐसा हरगिज नहीं करना चाहिए।

इसलिए क्योंकि पर्दा औरतों और समाज की इज्जत है। पर्दे की वजह से औऱतों की इज्जत की हिफाजत होती है। जो मुख्यमंत्री खुद औरतों की इज्जत करते हैं और उन्हें सम्मान देते हैं उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। ये हिजाब का हटाना औरतों का हटाना औरतों का अपमान और उनकी तौहीन है। हम इसकी निंदा करते हैं। उन्होंने औरतों का अपमान किया है लिहाजा उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

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आपको बता दें कि हाल ही में बिहार में नवनियुक्त एक आयुष चिकित्सक उस समय असहज हो गई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियुक्ति पत्र प्रदान करने के दौरान उसके चेहरे से हिजाब (घूंघट) हटा दिया था। इस घटना का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। यह घटना मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में आयोजित उस कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां एक हजार से अधिक आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे। लाइव दैनिक इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, नियुक्त किए गए डॉक्टरों में 685 आयुर्वेद, 393 होम्योपैथी और 205 यूनानी पद्धति के चिकित्सक शामिल हैं। इनमें से 10 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं मंच से नियुक्ति पत्र सौंपे, जबकि शेष को ऑनलाइन माध्यम से पत्र दिए गए थे।

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जब नुसरत परवीन की बारी आई, जो चेहरे पर हिजाब डाले हुई थीं, तो 75 वर्षीय मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, “यह क्या है?” इसके बाद मुख्यमंत्री उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया। घबराई हुई नवनियुक्त चिकित्सक को इसके बाद वहां मौजूद एक अधिकारी ने तुरंत एक ओर कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री के बगल में खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें रोकने के प्रयास में उनकी आस्तीन खींचते हुए नजर आए।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया खातों पर साझा करते हुए दावा किया था कि यह घटना जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख की “अस्थिर मानसिक स्थिति” का ताजा उदाहरण है। राजद ने ‘एक्स’ पर लिखा, “यह क्या हो गया है नीतीश जी को?” पार्टी ने कहा, “मानसिक स्थिति बिल्कुल ही अब दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी है या नीतीश बाबू अब शत-प्रतिशत संघी हो चुके हैं?”

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