रांचीः तेनुघाट विद्युत निगम लिमिटेड महाप्रबंधक सह प्रबंधक निदेशक (अस्थायी प्रभार) अनिल कुमार शर्मा पर सत्ताधारी दल के विधायक अनूप सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है।बोकारो के बेरमो से कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह ने अनिल कुमार शर्मा पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की है।उन्होंने अपने पत्र में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया है।
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सीएम को लिखे पत्र में कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल ने लिखा है कि प्रभार ग्रहण करते ही अनिल कुमार शर्मा अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए भ्रष्टाचार के कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने पत्र में पांच मामलों का जिक्र किया है।

कांग्रेस विधायक का पहला आरोप
कांग्रेस विधायक का कहना है कि विद्युत अधीक्षण अभियंता अशोक प्रसाद ने पूर्व में 35-40 लाख का घोटाला किया था। तब तत्कालीन प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार सिन्हा ने उनके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। इस बाबत दो पत्र भी 5-6-2020 को पत्र भी जारी किया गया था। लेकिन संचिका को नष्ट कर दिया गया.साथ ही वर्तमान प्रबंध निदेशक (प्रभारी) अनिल कुमार शर्मा ने इंजीनियर के खिलाफ ना तो विभागीय कार्रवाई की और ना ही FIR दर्ज करवाया। साथ ही अशोक प्रसाद को अधीक्षण अभियंता (असैनिक) और अदीक्षण अभियंता (मानव संसाधन) के पद की भी जिम्मेदारी दे दी गई।
कांग्रेस विधायक का दूसरा आरोप
उपलेखा निदेशक के पद से कृष्ण कुमार सिंह ने स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन प्रबंध निदेशक अनिल कुमार शर्मा ने बिना विज्ञापन निकाले और नियुक्ति प्रक्रिया का पालन किए बगैर कृष्ण कुमार सिंह को निगम में उपलेखा निदेशक के पद पर बहाल कर दिया।

टीवीएनएल के एमडी पर तीसरा आरोप
तजेंद्र सिंह मलहोत्रा ने डीडीए के पद पर रहते हुए संवेदकों से मनी लांड्रिंग कर अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के खातों में पैसे मंगवाये थे। आंतरिक जांच में यह बात प्रमाणित भी हो गई थी। लेकिन प्रबंध निदेशक अनिल कुमार शर्मा कार्रवाई करने के बजाए उन्हें बचा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि कनीय पदाधिकारी अभिनव गौरव द्वारा हाईकोर्ट में दर्ज मामले को दबाव डालकर उठवा दिया गया।

गलत तरीके से उच्च वेतनमान बढ़ाने और प्रोन्नति का आरोप
कांग्रेस विधायक का आरोप है कि प्रबंध निदेशक अनिल कुमार शर्मा ने ऊर्जा विभाग के नियम के खिलाफ बोर्ड को गुमराह कर ना सिर्फ उच्च वेतनमान बढ़ा लिया बल्कि इंजीनियर इन चीफ के पद पर प्रोन्नति भी करा ली। खुले तौर पर प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग किया।
एक व्यक्ति का दो पदों पर रहना अनुचित
कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल के मुताबिक निगम के डीओपी और वर्कस प्रोक्योरमेंट पॉलिसी 2012 के तहत निगम का महत्वपूर्ण प्रबंधकीय निर्णय और वित्तीय शक्ति वाले दोनों पदों पर एक ही व्यक्ति का बने रहना सही नहीं है। इससे प्लांट का संचालन सही तरीके से नहीं हो पाएगा। कांग्रेस विधायक का आरोप है कि ऐसे अधिकारी की वजह से सरकार की स्थिति असहज हो जाती है। लिहाजा, कार्रवाई करने की जरुरत है।




