पटनाः बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर SIRको लेकर एक बार फिर चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगा दिया। तेजस्वी ने कहा कि वोटर लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया है, जब मेरा नाम ही वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है तो हम चुनाव कैसे लड़ेंगे। विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए राज्य के वोटर लिस्ट पर नाम होना अनिवार्य है। तेजस्वी यादव पटना के दीघा विधानसभा क्षेत्र के वोटर रहे है।हालांकि,इलेक्शन कमीशन ने तेजस्वी यादव को बताया कि उनका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में है।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर बोला हमला, कहा- 2024 लोकसभा चुनाव में हुई थी धांधली, मर चुका है EC
विधानसभा चुनाव से पहले हुए SIR के बाद राज्य से 65 लाख से ज्यादा नाम हटाये जाने के बाद बिहार में राजनीति और तेज हो गई है। तेजस्वी यादव ने तेजस्वी यादव ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, “हमारा और हमारे स्टाफ का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया है, यह न्याय संगत नहीं है। अब हम चुनाव कैसे लड़ेंगे?”
बिहार में मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट, 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
उन्होंने आरोप लगाया कि जब से यह प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब से कोई पारदर्शिता नहीं बरती गई। तेजस्वी ने कहा कि राजनीतिक दलों को सूचित किए बिना ही नाम हटाने जैसे फैसले लिए गए, और जब विपक्ष ने सवाल उठाए, तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सुझावों की भी अनदेखी की गई है।तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि हर विधानसभा क्षेत्र में करीब 20,000 से 30,000 वोटर्स के नाम काटे गए हैं, जो कुल मिलाकर लगभग 8.5% वोटरों की संख्या होती है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग ने न ही हटाए गए मतदाताओं की पूरी जानकारी दी, न EPIC नंबर, न पता और न ही बूथ संख्या, जिससे विश्लेषण करना भी मुश्किल हो गया है।
राहुल गांधी 5 अगस्त को चुनाव आयोग के खिलाफ फोड़ेंगे ‘एटम बम’ ! ECI ने कहा आधारहीन बयान
तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा, “चोर के दाढ़ी में तिनका है।” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने जानबूझकर चालाकी और साजिश के तहत यह प्रक्रिया चलाई है। उनका कहना है कि मतदाता सूची से हटाए गए लोगों को अब तक यह नहीं बताया गया है कि उनका नाम किस आधार पर और किन कारणों से हटाया गया।तेजस्वी ने आगे कहा कि हमारा डेलिगेशन कल चुनाव आयोग गया और अपनी बात रखी, लेकिन आयोग ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि “जो लोग गुजरात से आदेश देंगे, वही हम करेंगे” जैसी मानसिकता चुनाव आयोग में दिख रही है, और चुनाव आयोग अब ‘गोदी आयोग’ बन चुका है।
मंत्री रामदास सोरेन की तबीयत बिगड़ी, दिल्ली के अपोलो अस्पताल में किया जा रहा है एयरलिफ्ट
हालांकि, चुनाव आयोग ने तेजस्वी यादव के दावे का फैक्ट चेक करते हुए बताया कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनका नाम शामिल है। चुनाव आयोग ने बकायदा मतदाता सूची का वह प्रारूप भी जारी किया है, जिसमें तेजस्वी की फोटो के साथ उनका नाम, उम्र, पिता का नाम, मकान संख्या दर्ज है।राजद नेता के आरोपों पर चुनाव आयोग ने फौरन डेटा शेयर करते हुए कहा, ‘तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि उनका नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया है। हमने लिस्ट शेयर की है और उनसे अनुरोध कर रहे हैं कि वह ध्यान से अपना नाम देख लें.’
मेरा नाम वोटर लिस्ट में नहीं है। हम चुनाव कैसे लड़ेंगे?
ताज्जुब की बात है!- श्री @yadavtejashwi जी।
{EPIC- RAB2916120} pic.twitter.com/HjxS3rTwHX
— Office of Tejashwi Yadav (@TejashwiOffice) August 2, 2025
कुछ समाचार माध्यमों से यह ज्ञात हुआ है कि माननीय नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण के प्रारूप मतदाता सूची में नहीं है।
इस बारे में जिला प्रशासन, पटना द्वारा जाँच की गई। इसमें यह स्पष्ट हुआ है कि माननीय नेता प्रतिपक्ष का नाम प्रारूप मतदाता सूची… pic.twitter.com/p16cw95fk5
— District Administration Patna (@dm_patna) August 2, 2025




