पटनाः बिहार में पिछले 10 दिनों से तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार को पटना में 135Kmph की रफ्तार से चली आंधी और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में पेड़ गिरने और ठनका गिरने से राज्यभर में 9 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पटना जिले के चार, वैशाली के दो और भोजपुर जिले के एक व्यक्ति शामिल है।इसी बीच राजधानी पटना में शुक्रवार की शाम तेज हवा के साथ महज आधे घंटे हुई जोरदार बारिश ने निगम के तमाम दावों की पोल खोल दी। कई इलाके वर्षा के पानी से जलमग्न हो गए।नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर से लेकर मुख्य मार्ग अशोक राजपथ, सैदपुर नहर रोड, श्री गुरु गोविंद सिंह पथ, सुदर्शन पथ के दक्षिण की आबादी को जोड़ने वाले मार्गों में पानी भर गया।तेज हवा से दीवान मोहल्ला में बरगद का एक विशाल और प्राचीन पेड़ सटे प्राचीन मंदिर पर गिर गया। कई इलाकों में तार टूटने, फ्यूज उड़ने समेत अन्य समस्या को लेकर बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई।

बिहार में मई की शुरूआत में ही मानसून जैसे हालात बने हुए हैं। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव का क्षेत्र, हवाओं का चक्रवातीय परिसंचरण के साथ एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने प्रदेश के मौसम का मिजाज बदल दिया है।इस दौरान काल वैशाखी की सक्रियता बने होने के कारण पटना सहित राज्य के अलग-अलग भागों में मेघ गर्जन, वज्रपात के साथ आंधी-पानी की स्थिति बनी हुई है।मौसम विज्ञान केंद्र पटना के Bihar Weather Forecast के अनुसार, इसी प्रकार का मौसम अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश में बने रहने के आसार है। इस दौरान आंशिक बादल छाए रहने के साथ आंधी-पानी व ओला वृष्टि के आसार हैं।
मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
मौसम विभाग की ओर से आज पूरे बिहार में रेड अलर्ट जारी किया गया है। पटना, अरवल, बेगूसराय, भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, शेखपुरा, सिवान, जहानाबाद, नालंदा, लखीसराय और सारण में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के साथ बादल गरजने और बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग की माने तो, गया, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, रोहतास, औरंगाबाद और भभुआ में बादल गरजने, तेज बारिश और ठनका की चेतावनी है। इसके साथ ही दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली में एक-दो जगहों पर तेज हवाएं और बारिश की संभावना है।


