पटना में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, किराये के मकान में चल रहा था धंधा

पटना में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, किराये के मकान में चल रहा था धंधा

पटनाः राजधानी पटना के शास्त्री नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत पटेल नगर गली नंबर 5 स्थित एक मकान में चल रहे सेक्स रैकेट के खुलासा हुआ है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उक्त मकान में छापेमारी की, जहां देह व्यापार का अवैध धंधा चल रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सेक्स रैकेट चलाता था। इसमें एक आरोपी की पहचान पुनपुन थाना क्षेत्र के मसौढ़ी निवासी के रूप में हुई है, जबकि दूसरा आरोपी राजकुमार शर्मा, ग्राम मुसी थाना टिकारी, जिला गया का रहने वाला है।

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पुलिस ने छापेमारी के दौरान मकान से आपत्तिजनक सामान जैसे कंडोम और एक स्कैनर मशीन भी बरामद किया है, जिससे ग्राहकों से पैसे ऑनलाइन लिया जाता था। इस दौरान पुलिस ने तीन महिलाओं का रेस्क्यू किया। इन महिलाओं को जबरन इस देह व्यापार के दलदल में फंसाया गया था. शास्त्री नगर थाना पुलिस ने इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध धंधे से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और इसका नेटवर्क कितना बड़ा है? पुलिस यह कार्रवाई मानव तस्करी और देह व्यापार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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बिहार पुलिस ने पिछले छह महीनों में राज्य के अलग-अलग जिलों से 271 लड़कियों और 506 बच्चों को मानव तस्करी, देह व्यापार और बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया है 191 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 23 महिलाएं शामिल हैं। अधिकांश पीड़ित बिहार के अलावा अन्य राज्यों और नेपाल के निवासी हैं। पुलिस ने इन मामलों में कुल 245 FIR दर्ज की हैं।

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न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2025 से अब तक बचाई गई 271 लड़कियों में से 153 को जबरन ऑर्केस्ट्रा समूहों में नचाया जा रहा था, जबकि 118 लड़कियों को देह व्यापार में धकेला गया था। यह बचाव अभियान रोहतास, सिवान, सारण, बेतिया, गोपालगंज और बेगूसराय सहित अन्य जिलों में चलाया गया।अभियान में पुलिस के साथ-साथ गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही. बचाई गई लड़कियों में अधिकांश नेपाल, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, असम, ओडिशा, दिल्ली, पंजाब और मध्य प्रदेश की निवासी हैं। इससे मानव तस्करी के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है।

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