डेस्कः रविवार को महिला आईएएस अधिकारी के घर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ। रविवार को यूपी के प्रयागराज में पुलिस ने छापेमारी कर सेक्स रैकेट का खुलासा किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आपत्तिजनक हालत में चार युवतियों और पांच युवकों को हिरासत में लिया है। मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है।यह मामला इसलिए भी सनसनीखेज हो गया है, क्योंकि जिस मकान में यह गतिविधियां चल रही थीं, वह कथित तौर पर IAS अधिकारी वंदना त्रिपाठी की संपत्ति है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह रैकेट कितने समय से चल रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल है?
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यह मामला इसलिए भी सनसनीखेज हो गया है, क्योंकि जिस मकान में यह गतिविधियां चल रही थीं, वह कथित तौर पर IAS अधिकारी वंदना त्रिपाठी की संपत्ति है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह रैकेट कितने समय से चल रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल है?
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किडगंज में पुलिस ने तोड़ा दरवाजा, अंदर का नजारा देख चौंकी टीम पुलिस के मुताबिक, न्यू बस्ती किडगंज स्थित दो मंजिला मकान को लेकर पिछले कुछ महीनों से स्थानीय लोगों को शक था। दिन-रात अजनबी लड़के-लड़कियों की आवाजाही, देर रात तक हलचल और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें लगातार किडगंज थाने तक पहुंच रही थीं।रविवार को इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। करीब दो बजे दिन में थानाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह और ACP राजीव यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची।पुलिस को देखकर अंदर मौजूद लोगों ने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया।इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया।
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कमरों में आपत्तिजनक हालत में मिले युवक-युवतियां घर के अंदर का दृश्य देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। अलग-अलग कमरों में युवक और युवतियां आपत्तिजनक हालत में मिले।पुलिस को देखकर कई लोग खुद को चादर और कपड़ों से ढकने की कोशिश करते नजर आए। तलाशी के दौरान घर से आपत्तिजनक सामग्री और अन्य संदिग्ध सामान भी बरामद हुआ। पुलिस ने दो कमरों से चार युवतियों और चार युवकों को हिरासत में लिया। इसके अलावा घर के बाहर निगरानी कर रहे एक युवक को भी पकड़ा गया, जिसे इस पूरे रैकेट का कथित सरगना बताया जा रहा है। ₹15 हजार महीने के किराए पर लिया गया था मकान पुलिस पूछताछ में कथित सरगना की पहचान सर्वेश द्विवेदी के रूप में हुई है, जो प्रयागराज के दारागंज क्षेत्र के अतरसुइया का रहने वाला है। सर्वेश ने पुलिस को बताया कि उसने यह मकान तीन महीने पहले ₹15,000 प्रति माह के किराए पर लिया था। उसने दावा किया कि यह मकान उसने IERS अधिकारी अमिताभ शर्मा और IAS अधिकारी वंदना त्रिपाठी से किराए पर लिया था।सर्वेश के मुताबिक, किराए के एग्रीमेंट में यह लिखा गया था कि वह यहां अपने परिवार के साथ रहेगा। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि सर्वेश अपने परिवार के साथ महज 10–15 दिन ही रहा, उसके बाद संदिग्ध गतिविधियां शुरू हो गईं। मोहल्ले के लोगों ने जताई बच्चों पर बुरा असर पड़ने की चिंता स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस घर में चल रही गतिविधियों से पूरे इलाके का माहौल खराब हो रहा था।
खासतौर पर बच्चों पर इसका नकारात्मक असर पड़ रहा था। कई बार लोगों ने आपत्ति भी जताई, लेकिन गतिविधियां बंद नहीं हुईं, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पश्चिम बंगाल और वाराणसी से लाई गई थीं युवतियां पुलिस ने बताया कि हिरासत में ली गई चार युवतियों में एक पश्चिम बंगाल की है, एक वाराणसी की रहने वाली है, जबकि दो युवतियां प्रयागराज की निवासी हैं। पश्चिम बंगाल की युवती ने पुलिस को बताया कि उसका संपर्क फेसबुक के जरिए इस गिरोह से हुआ था, जिसके बाद वह प्रयागराज पहुंची। गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान मयंक कुशवाहा (19), अनुज मिश्रा (23), सैफुल सिद्दीकी (23) और अतुल कुमार (35) के रूप में हुई है। सभी आरोपी प्रयागराज के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस कर रही है पूरे नेटवर्क की जांच फिलहाल पुलिस सभी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, कितने समय से यह धंधा चल रहा था और इसमें किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।




