डेस्कः रूसी सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने बीती रात यूक्रेन के रक्षा उद्योग से जुड़े ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला किया। इन हमलों में ड्रोन और लंबी दूरी की सटीक निर्देशित मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कार्रवाई हाल ही में कीव द्वारा किए गए “आतंकी हमलों” की प्रतिक्रिया में की गई है।
यूक्रेनी अधिकारियों ने भी देश के कई हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि की है। राजधानी कीव, पश्चिमी शहर लविव और लुत्स्क में शुक्रवार सुबह तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
रूस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इन हमलों का उद्देश्य यूक्रेन के हथियार निर्माण कारखानों, सैन्य उपकरणों की मरम्मत करने वाले उद्योगों, ड्रोन असेंबली व प्रशिक्षण केंद्रों और हथियारों के गोदामों को नष्ट करना था। मंत्रालय ने दावा किया कि “सभी लक्षित ठिकानों पर सटीक प्रहार हुआ और उद्देश्य पूरी तरह से प्राप्त किया गया।”
रेलवे पुलों पर हमले को बताया आतंकवादी कार्रवाई
रूस ने यूक्रेन पर बीते सप्ताह रूस में रेलवे पुल उड़ाने का आरोप लगाया, जिसमें आम नागरिकों और मालगाड़ियों को निशाना बनाया गया। इस घटना में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई और 120 से अधिक घायल हुए। इसके अलावा कीव ने रूस के उत्तरी और सुदूर पूर्वी क्षेत्रों में स्थित कई सैन्य हवाई अड्डों पर भी ड्रोन से समन्वित हमले किए, जिनमें रूस के परमाणु-सक्षम लंबी दूरी के बमवर्षक विमान निशाना बनाए गए। हालांकि रूस ने कहा कि अधिकांश ड्रोन को मार गिराया गया और कुछ विमानों को मामूली नुकसान पहुंचा।
छह बार हो चुके हैं संयुक्त हमले
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 31 मई के बाद से अब तक रूस ने यूक्रेनी सैन्य ठिकानों पर छह बार समन्वित हमले किए हैं। इन हमलों में कीव के रक्षा उद्योग इकाइयों, सैन्य हवाई अड्डों, ड्रोन उत्पादन केंद्रों, हथियार भंडारों और विदेशी भाड़े के सैनिकों के ठिकानों को निशाना बनाया गया।
पुतिन ने जेलेंस्की सरकार को कहा आतंकी
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इन हमलों को “आतंकी कार्रवाई” करार देते हुए कहा कि कीव की सरकार अब “एक आतंकी संगठन में तब्दील होती जा रही है।” उन्होंने बुधवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत के दौरान कहा कि रूस को अपने परमाणु प्रतिरोधक क्षमता पर हो रहे हमलों का जवाब देना ही पड़ेगा।





