पटनाः बिहार में जारी वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर रविवार को आयोजित महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विवादित बयान दे दिया। जब उनसे पूछा गया कि चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से इस बात की जानकारी मिली है, कि बिहार की वोटर लिस्ट में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के नाम हैं जिनमें नेपाल, म्यांमार और बांग्लादेश के सिटीजन शामिल हैं। जिसके जवाब में तेजस्वी ने चुनाव आयोग के सूत्र को मूत्र बता डाला।
बिहार के वोटर लिस्ट में बांग्लादेश, नेपाल और म्यांनमार के नागरिकों के नाम, चुनाव आयोग के SIR लिस्ट में खुलासा
तेजस्वी ने कहा कि चुनाव आयोग खुद सामने आने की बजाय सूत्रों के हवाले से खबर प्लांट करवा रहा है। ताकि इसकी आड़ में खेला कर सके। क्या इस मामले को लेकर निर्वाचन आयोग ने कोई डॉक्यूमेंट जारी किया है, या प्रेस रिलीज जारी की है। ये वही सूत्र है जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्लामाबाद, लाहौर और कराची पर कब्जा कर चुके थे। इसलिए हम ऐसे सूत्र को मूत्र समझते है। मूत्र यानि ऐसा अपशिष्ट पदार्थ जो दुर्गंध फैलाता है।
चुनाव आयोग स्वयं सामने आने की बजाय सूत्रों के हवाले से खबर प्लांट करवा रहा है ताकि इसकी आड़ में खेला कर सके। ये वही सूत्र है जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्लामाबाद, लाहौर और कराची पर कब्जा कर चुके थे।
इसलिए हम ऐसे सूत्र को मूत्र समझते है। मूत्र यानि ऐसा अपशिष्ट पदार्थ जो दुर्गंध… pic.twitter.com/ACwApxQwVr
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 13, 2025
विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बड़ी घोषणा, अगले 5 साल में एक करोड़ युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी और रोजगार
वहीं निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया है कि फाइनल वोटर लिस्ट में ऐसे विदेशियों के नाम हटा दिए जाएंगे। जिनके पास वोटर कार्ड, आधार कार्ड और राशन कार्ड भी मौजूद है। वहीं इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर एक फीसदी वोटर्स का भी नाम कटा तो 7 लाख 90 हजार मतदाताओं का नाम कट जाएगा। बिहार में 7 करोड़ 90 लाख मतदाता हैं। अगर एक बूथ पर दस का नाम कटे तो 3200 मतदाताओं का नाम कटेगा। लेकिन यह बिहार के नतीजों पर अंतर डालेगा।
पटना में मेयर सीता साहू के बेटे की गिरफ्तारी का विरोध, लोगों ने पुलिस की गाड़ी को घेरा
तेजस्वी यादव ने अपने बयान की क्लिप सोशल मीडिया पर भी शेयर कर दिया।जवाब में बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि यह तेजस्वी यादव की हार की बौखलाहट बोल रही है। तेजस्वी यादव की हिम्मत देखिए, पहले वक्फ बिल को कूड़ेदान में फेंका, अब चुनाव आयोग के सूत्र को 'मूत्र' बता रहे हैं। RJD का असली चेहरा है- संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना, लोकतंत्र पर थूकना। दरअसल तेजस्वी की यह गंदी भाषा उनकी हार की बौखलाहट है, क्योंकि बिहार की जनता ने उनकी नकारात्मक राजनीति को नकार दिया है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले तेजस्वी, क्या बिहार को फिर जंगलराज की आग में झोंकना चाहते हैं ? माफी मांगो, वरना जनता सड़क पर और चुनाव में जवाब देगी।LJP (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने कहा, "ये आश्चर्यजनक है कि वे इस प्रकार की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। राजनीति में किस प्रकार की भाषा का उपयोग होता है उनको इसकी जानकारी होनी चाहिए। लोग हमारी बात सुनते हैं, हम जनप्रतिनिधि हैं। हम बिहार का प्रतिनिधित्व करते हैं... RJD के तमाम नेताओं में बौखलाहट हो गई है।"




