रांचीः RPF रांची ने ‘नन्हे फरिश्ते’ अभियान के तहत रांची रेलवे स्टेशन से दो नाबालिग लड़कियों को बचाया। खूंटी जिले की ये लड़कियां घरेलू काम की तलाश में घर से निकली थीं और शोषण का शिकार हो सकती थीं। आरपीएफ की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की सतर्कता से उन्हें सुरक्षित कर चाइल्डलाइन रांची को सौंपा गया, जो बच्चों की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दर्शाती है।
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RPF रांची को प्लेटफार्म संख्या-2 पर दो लड़कियां संदिग्ध अवस्था में अकेली बैठी हुई मिलीं। उनकी शारीरिक बनावट से वे नाबालिग प्रतीत हो रही थीं। टीम ने तत्काल उनसे पूछताछ की। पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि वे दोनों झारखंड के खूंटी जिला की रहने वाली हैं।
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उन्होंने खुलासा किया कि वे घरेलू काम की तलाश में अपने घर से निकली थीं और रांची पहुंची थीं। जांच और सत्यापन के बाद दोनों लड़कियों के नाबालिग होने की पुष्टि हुई।उनकी सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आरपीएफ टीम ने सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद दोनों नाबालिग बच्चियों को चाइल्डलाइन रांची के सदस्यों के सुपुर्द कर दिया गया।



