डेस्कः मुजफ्फरपुर के बहुचर्चित कुढ़नी रेप और मर्डर केस में 112 दिन बाद पॉक्सो कोर्ट ने फैसला सुनाया। 69 दिनों में सेशन-ट्रायल पूरा होने बाद उन्होंने रोहित कुमार सहनी (28) को दोषी करार दिया है। सजा की बिंदू पर विशेष कोर्ट में 23 सितंबर को सुनवाई होगी। इसके बाद विशेष कोर्ट उसे सजा सुनाएगी।
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विशेष कोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता की धारा- 65 (2) (12 वर्ष से कम उम्र की लड़की से दुष्कर्म करने), 103 (1) (हत्या), 118 (2) (गंभीर रूप से जख्मी करने), 303 (2) (बच्ची का लॉकेट चोरी करने) और पॉक्सो एक्ट की धारा-छह (नाबालिग पर यौन हमला) के तहत रोहित को दोषी करार दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) राजीव रंजन राजू ने 15 गवाहों को पेश किया। वहीं, उसके बचाव में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से डिप्टी चीफ लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल रामबाबू सिंह ने चार गवाहों को पेश किया।
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दुष्कर्म के बाद बच्ची की निर्मम हत्या की गई। विशेष कोर्ट ने बीएनएस की संगीन धाराओं में रोहित को दोषी करार दिया है। सजा के बिंदू पर सुनवाई के दौरान दोषी को फांसी देने की प्रार्थना विशेष कोर्ट से करेंगे।
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रोहित के चेहरे पर नहीं थे पश्चाताप के कोई भाव
फैसला सुनाए जाने को लेकर सोमवार को रोहित को जेल से विशेष कोर्ट में लाया गया। घटना को लेकर उसके चेहरे पर पश्चाताप के कोई भाव नहीं थे। उसकी मां उसका इंतजार कर रही थी। कोर्ट कक्ष में प्रवेश से पहले उसकी मां गले लगाकर रो पड़ी। इसका भी उसपर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। फैसला सुनने के बाद भी वह सहज भाव से कोर्ट से निकला। उधर, मृत बच्ची की मां की आंखें फैसला सुनने के बाद भर आई। बिना किसी से कुछ बात किए वह कोर्ट रूम से निकल गई।




