रांचीः भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) और बिहार सरकार के स्वामित्व वाले रांची के होटल अशोक जो अब बदहाली का प्रतीक बन गया है। इसके पुनजीवित होने की संभावना बढ़ गई है। संयुक्त बिहार के समय रांची का होटल अशोक प्रतिष्ठित होटल के रूप में माना जाता था। 29 मार्च 2018 को इसे बंद करने का फैसला किया गया इसके बाद से इसके कर्मचारी सड़क पर आ गए उनके परिवार भूखमरी की स्थिति में जीने को मजबूर हो गये और होटल खंडहर का रूप लेने लगा।
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लेकिन अब इसके दिन फिर से बदलने जा रहे है। झारखंड सरकार के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने अशोक होटल को लेकर खुशखबरी अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स एक्स पर दी। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से दिल्ली में मुलाकात की तस्वीर को साझा करते हुए सुदिव्य कुमार सोने ने बताया कि पर्यटन के क्षेत्र में समग्र विकास को लेकर अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इसमें विशेष रूप से रांची स्थित होटल अशोक के झारखंड सरकार को हस्तांतरण पर सैद्धांतिक सहमति बन गई।
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इसका मतलब पर है कि जो वर्षो से राज्य सरकार की मांग थी उसे केंद्र सरकार मानने को तैयार हो गई है। पर्यटन के क्षेत्र में ये एक बड़ी उपलब्धि मनी जाएगी। लंबे समय से राज्य सरकार की मांग और होटल अशोक के कर्मचारियों की मांग अब केंद्र मानने को तैयार हो गया है। दरअसल, अलग राज्य बनने के बाद झारखंड केंद्र और बिहार सरकार से होटल अशोक को चलाने का पूरा स्वामित्व मांगा था। उस समय आईटीडीसी का 51 प्रतिशत और बिहार सरकार का 49 प्रतिशत शेयर इसमें था। झारखंड अलग होने के बाद बिहार के 49 प्रतिशत शेयर में से 12.25 प्रतिशत शेयर झारखंड को दिया गया। झारखंड होटल संचालन के लिए पूर्ण स्वामित्व की मांग कर रहा था जो अब लंबे समय के बाद पूरा होता हुआ दिख रहा है। करीब चार साल पहले झारखंड सरकार और आईटीडीसी के बीच हुए करार के बाद 62.5 फीसदी हिस्सेदारी झारखंड सरकार को मिली थी लेकिन इसके बाद भी इसे शुरू नहीं किया जा सका।
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रांची का होटल अशोक की भव्यता और उसका महत्व इससे समझा जा सकता है कि इस होटल का उद्घाटन पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने किया था। रांची शहर के बीचो-बीच होटल अशोक एक समय रांची की शान था लेकिन वक्त ने इसके साथ कुछ ऐसा खेल खेला की लोग इसे भूतबंगला कहने लगे। इसके कर्मचारी बीच-बीच में अपने बकाये वेतन को लेकर प्रदर्शन करते रहे है। करीब 30 माह से ज्यादा का वेतन होटल के कर्मचारियों को नहीं मिल पाया है। लेकिन अब झारखंड सरकार के पूर्ण स्वामित्व को लेकर जो खबर राज्य के पर्यटन मंत्री ने दी है उससे उम्मीद की बहुत बड़ी किरण देखने को मिल रही है। केंद्रीय पर्यटन मंत्री के साथ मुलाकात के बाद सुदिव्य कुमार सोनू ने पोस्ट करते हुए लिखा कि आज नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जी से शिष्टाचार भेंट हुई।
बैठक के दौरान झारखण्ड में पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से:
– राँची स्थित अशोक होटल के झारखण्ड सरकार को हस्तांतरण पर सैद्धांतिक सहमति
– स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत चण्डील, नेतरहाट एवं तेनुघाट में ईको-टूरिज्म परियोजनाओं का विकास
– अन्य राज्यों की तर्ज़ पर झारखण्ड में Specialized Tourism Institute (IITTM मॉडल) की स्थापना
– MoT व राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मेले का आयोजन
– राज्य के पुरातात्विक व विरासत स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन की योजना
इन सभी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु केंद्र सरकार के सहयोग का अनुरोध किया गया, ताकि झारखण्ड को राष्ट्रीय व वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई जा सके।
आज नई दिल्ली में माननीय केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जी से शिष्टाचार भेंट हुई।
बैठक के दौरान झारखण्ड में पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से:
- राँची स्थित अशोक होटल के झारखण्ड सरकार को हस्तांतरण पर… pic.twitter.com/DUlkIZWkKs
— Sudivya Kumar (@kumarsudivya) July 22, 2025




