डेस्कः उज्जैन में एक पोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दावा किया जा रहा है कि उज्जैन के श्री बड़ा गणेश मंदिर में लगे इस पोस्टर में महिलाओं के पहनावे पर सवाल उठाया गया है। पोस्टर के माध्यम से सनातन पोशाक अपनाने की सलाह दी गई है। अब पोस्टर को लेकर आम लोगों के साथ-साथ भक्तों और पुजारियों में बहस हो रही है। हालांकि अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि पोस्टर किसने लगाया है।
सीढ़ी से घसीटकर शव ले गए कर्मी,बिहार के अस्पताल ने इंसानियत को किया शर्मसार
पोस्टर के माध्यम से माता-पिता से सवाल
श्री बड़ा गणेश मंदिर में लगे पोस्टर के माध्यम से माता-पिता से सवाल पूछा गया है। माता-पिता से पूछा गया है कि क्या वे अपनी बेटियों को ‘अनुचित’ कपड़े पहनने की छूट देकर अश्लील पहनावे को बढ़ावा दे रहे हैं? क्या वे मानते हैं कि छोटे कपड़े आधुनिकता का प्रतीक है? वहीं मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह पोस्टर कौन लगाया है, इसके बारे में जानकारी नहीं है।
वहीं, मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंचे भक्तों का कहना है कि सनातन परंपरा के अनुसार, छोटे कपड़े पहनकर मंदिर में नहीं आना चाहिए। बहन-बेटियों को भारतीय परंपरा के अनुसार ही कपड़े पहनना चाहिए। खासकर जब धर्मस्थल पर जाएं, तो इसका ख्याल जरूर रखें। साउथ के मंदिरों में पहले से ही इस तरह के निर्देश जारी किए गए हैं।
गुरुग्राम में बीच सड़क मॉडल के सामने मास्टरबेट करने वाले को पुलिस ने दबोचा, 14 लाख का है पैकेज
पारंपरिक पोशाक पहनकर ही आएं मंदिर
ऐसा नहीं है कि इस तरह का ये पहला पोस्टर है। उज्जैन के कई मंदिरों में पहले से ही आगंतुकों से पारंपरिक पोशाक पहनने की अपील करने वाले बैनर-पोस्टर लगे हैं। मंदिर के पुजारी अक्सर भक्तों से पारंपरिक वस्त्र पहनकर मंदिर में आने की सलाह देते रहते हैं। दक्षिण भारतीय मंदिरों में ये आम प्रथा है। महाकाल मंदिर मंदिर के गर्भगृह में पहले से लागू है।




