देवघरः एम्स के पहले दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने हाथों 48 एमबीबीएस में चार को मेडल और पांच को उपाधि दिया। इसमें डॉ. अश्मित अग्रवाल को स्वर्ण पदक, डॉ. तनिष्क को रजत, डॉ. हर्षविन को कांस्य पद दिया।
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प्रथम बैच की एमबीबीएस डॉ. ॠचा जायसवाल को सबसे अधिक उपस्थिति के लिए सम्मानित किया। राष्ट्रपति ने इसके अलावा पांच एमबीबीएस को उपाधि दिया। इसमें डॉ. अंजनी कुमारी, डॉ. गौतम शंकर, डॉ. सुमिता सिन्हा, डॉ. शिक्षा सिंह और डॉ. ओम शंकर शामिल हैं।
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एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. सौरभ वार्ष्णेय ने बताया कि एम्स देवघर में एमबीबीएस 2019 बैच में 48 छात्र-छात्राएं एमबीबीएस पाठ्यक्रम उत्तीर्ण कर अपना इंटर्नशिप पूरा कर लिए हैं। जिन्हें इस दीक्षांत समारोह में उपाधि प्रदान की गई।
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इस अवसर पर एम्स देवघर संस्थान से वर्ष 2019 बैच के एमबीबीएस पाठ्यक्रम उत्तीर्ण तीन उत्कृष्ट छात्रों को क्रमशः स्वर्ण, रजत एवं कास्य पदक व एक छात्र को उत्कृष्ट उपस्थिति के लिए पदक के अलावा सभी 48 छात्र-छात्राओं को एमबीबीएस डिग्री की उपाधि प्रदान की गई।स्वर्ण पदक विजेता डॉ. अश्मित अग्रवाल ने कहा कि सस्ता सेवा करेंगे। अश्मित जयपुर के रहने वाले हैं।
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इस मौके पर राष्ट्रपति ने डिग्री पाए एमबीबीएस डॉक्टरों को संबोधित होते हुए कहा कि एक अच्छे डॉक्टर को sharp clinical sense के साथ-साथ sensitive communication की क्षमता भी विकसित करनी चाहिए। हम सबने देखा है कि कुछ ऐसे डॉक्टर होते हैं जिनसे परामर्श करने के बाद patient और उनके परिवारजन बेहतर महसूस करते हैं।Primary care ही universal health coverage का आधार है। Urban Primary Health-Centres तथा Rural Community Health-Centres में जाकर AIIMS देवघर की डॉक्टरों और विद्यार्थियों की टीम द्वारा सहायता की जानी चाहिए।राष्ट्रीय स्तर पर सरकार का यह प्रयास है कि स्वास्थ्य से जुड़े ‘Out-of-Pocket Expenditure’ का दबाव लोगों पर कम से कम हो। इस राष्ट्रीय प्रयास में AIIMS देवघर जैसे संस्थानों और आप जैसे डॉक्टरों का institutional role भी है और individual भी।स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में हमारे देश को अनेक महत्वाकांक्षी लक्ष्य प्राप्त करने हैं। इन राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में AIIMS institutions की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
एक अच्छे डॉक्टर को sharp clinical sense के साथ-साथ sensitive communication की क्षमता भी विकसित करनी चाहिए। हम सबने देखा है कि कुछ ऐसे डॉक्टर होते हैं जिनसे परामर्श करने के बाद patient और उनके परिवारजन बेहतर महसूस करते हैं। pic.twitter.com/wI9t01Ix76
— President of India (@rashtrapatibhvn) July 31, 2025







