मुंबई: एनसीपी अतीत पवार गुट के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल को स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट अपीलीय ट्रिब्यूनल ने बड़ी राहत दी है। ट्रिब्यूनल ने पटेल की 180 करोड़ की संपत्ति जब्ती रद्द कर दी। ईडी ने मनी लॉड्रिंग मामेल की जांच के दौरान 2022 में प्रफुल्ल पटेल, उनकी पत्नी वर्षा और उनकी कंपनी मिलेनियम डेवलपर्स के स्वामित्व वाले सात फ्लैट को जब्त किया था। ईडी का आरोप था कि पटेल ने यह सभी फ्लैट गैंगस्टर इकबाल मिर्ची की पत्नी हजरा मेनन से अवैध रूप से खरीदे थे और इसके लिए 2007 में समझौता हुआ था। इन संपत्तियों में मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित सीजे हाउस में 12वीं और 15वीं मंजिल के सात फ्लैट शामिल है।
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मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, ट्रिब्यूनल ने माना कि ईडी की कार्रवाई अवैध थी और संपत्तियां मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल नहीं थी और इकबाल मिर्ची से जुड़ी नहीं थी। सीजे हाउस में मेनन और उसके बेटों की सभी संपत्तियां अलग से कुर्क की गई थी। प्रफुल्ल पटेल महाराष्ट्र में हुए सत्ता परिवर्तन के दौरान शरद पवार को छोड़कर उनके भतीजे अजीत पवार के साथ चले आये जो शिंदे के नेतृत्व में चल रही सरकार में शामिल है। केंद्र में एनडीए की सरकार बनने जा रही है और प्रफुल्ल पटेल का नाम अजीत पवार गुट के कोटे से मंत्री पद के लिए भी चल रहा है, इसी बीच प्रफुल्ल पटेल को बहुत बड़ी राहत मिली है।



