मुजफ्फरपुरः बिहार पुलिस ने आबरू बचाने की गुहार नहीं सुनी तो थाने से लौटते ही आहत नौंवी की छात्रा ने अपने घर में फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। घटना बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पारू थाना क्षेत्र के एक गांव की है। वारदात के बाद ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस के खिलाफ भड़क उठा और सड़क पर आग जलाकर जाम लगा दिया। इसका वीडियो वायरल होने पर सरैया एसडीपीओ चंदन कुमार ने मामले की जांच करने का आश्वासन देकर जाम हटवाया और छात्रा की मां का भी बयान दर्ज किया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि आरोपित युवक छात्रा का अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करता था। छात्रा की मां ने एसडपीओ को बताया कि गांव का ही एक युवक बेटी से छेड़खानी करता था। चार माह पहले उसके परिजनों से शिकायत भी की थी। सोमवार को बेटी साइकिल से स्कूल जा रही थी। युवक ने बेटी को घेरकर जबरन बाइक पर बैठा लिया।
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बसैठा बाजार पर सड़क पर भीड़ के कारण उसने बाइक रोकी। बेटी के चिल्लाने पर ग्रामीणों ने युवक को पकड़ लिया। बेटी ने लोगों को आपबीती बताई तो लोगों ने युवक को मारपीट कर छोड़ दिया। इसके बाद छात्रा अपनी मां के साथ थाने गई। लेकिन, पुलिस कर्मियों ने बड़ा बाबू के नहीं होने की बात कहकर आवेदन लेकर घर जाने को कहा। उसकी मां ने कहा कि पुलिस की असंवेदनशीलता से आहत बेटी ने अपनी आबरू की रक्षा के लिए मौत को गले लगा लिया।
छात्रा की आत्महत्या के बाद ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन के वायरल वीडियो में पुलिस पर उठाए गए सवाल पर पारू के थानेदार मोनू कुमार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जवाब दिया कि छात्रा की मां के द्वारा थाने में दिए गए आवेदन पर एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रभारी एसएसपी सह सिटी एसपी, किरण कुमार ने कहा कि घटना की पूरी जांच के लिए ग्रामीण एसपी से कहा गया है। यदि पुलिस के स्तर से चूक हुई होगी तो निश्चित रूप से ग्रामीण एसपी की रिपोर्ट पर कार्रवाई की जायेगी।
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