DESK: पाकुड़ की मिट्टी में पली-बढ़ी बेटी कस्तूरी कनक ने अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास के दम पर झारखंड का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन की है। महेशपुर प्रखंड के बाली आपतरा गांव की 22 वर्षीय कस्तूरी ने छह सितंबर को देहरादून में आयोजित विशेष कार्यक्रम में ‘Miss North India 2026’ का खिताब अपने नाम किया। उन्हें Miss North India 2026–Brand Ambassador के रूप में भी सम्मानित किया गया। कस्तूरी की इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे पाकुड़ जिले में खुशी का माहौल है।
पिता की सीख को बनाया सफलता का मंत्र
कस्तूरी की सफलता की कहानी जितनी प्रेरणादायक है, उतनी ही दिलचस्प भी। अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने देहरादून जाने की बात माता-पिता तक को नहीं बताई। कस्तूरी के अनुसार उनके पिता गंगा राम ठाकुर अक्सर कहते थे कि जो करना है, उसे पहले किसी को मत बताओ, जब तक वह पूरा न हो जाए। पिता की यही सीख उन्होंने अपने जीवन में उतार ली।
एक तरफ परीक्षा, दूसरी ओर सपने की उड़ान
छह सितंबर को कस्तूरी का ऑनलाइन एग्जाम भी था और उसी दिन देहरादून में प्रतियोगिता का कार्यक्रम भी। एग्जाम दोपहर एक बजे तक होना था, जबकि कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शुरू होना था। ऐसे में उन्होंने अपने भाई हिमप्रीत हनी के साथ देहरादून जाने का फैसला किया। दोनों ट्रेन से देहरादून पहुंचे और कस्तूरी ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
सफर के दौरान जब पिता का फोन आया तो कस्तूरी ने मजाक में कह दिया कि 24 घंटे के लिए एयरटेल का नेटवर्क डिस्टर्ब है। पिता को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि उनकी बेटी उस समय अपने सपने को पूरा करने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर जा रही है।


भाई बना सबसे बड़ा सहारा
इस पूरे सफर में कस्तूरी के भाई हिमप्रीत हनी ने उनका पूरा साथ दिया। देहरादून पहुंचने से लेकर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने और खिताब जीतने तक भाई उनके साथ रहे। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए कस्तूरी ने ‘Miss North India 2026’ का खिताब अपने नाम कर लिया। इसके बाद दोनों वापस घर लौट आए।
अखबार देखकर माता-पिता को पता चला
सबसे भावुक क्षण तब आया, जब कार्यक्रम के बाद कस्तूरी की उपलब्धि की खबर प्रकाशित हुई। परिवार के लोगों ने अखबार में कस्तूरी का नाम और तस्वीर देखी तो माता-पिता को पहली बार पता चला कि उनकी बेटी देहरादून गई थी और वहां उसने मिस नॉर्थ इंडिया का खिताब जीत लिया है। बेटी की सफलता की खबर ने माता-पिता को आश्चर्यचकित करने के साथ गर्व से भर दिया।

कस्तूरी ने कहा कि उन्होंने पिता की बात को गंभीरता से लिया था। जिस सपने को उन्होंने चुपचाप पूरा किया, उसके बारे में माता-पिता को अखबार के माध्यम से पता चलना उनके लिए बेहद भावुक और यादगार पल रहा।
शिक्षा में भी हासिल की है ऊंची मुकाम
कस्तूरी शिक्षा के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में Vasant College for Women, BHU के अंग्रेजी विभाग से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 2026 में Arya Mahila P.G. College, BHU से अंग्रेजी में मास्टर डिग्री हासिल की। पढ़ाई के साथ ही उन्हें मॉडलिंग और फैशन में विशेष रुचि रही है।
गांव की बेटी की सफलता से जिले में खुशी
कस्तूरी के पिता गंगा राम ठाकुर और माता हेमा प्रसाद हैं। बेटी की उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। कस्तूरी अपनी सफलता में परिवार के सहयोग को महत्वपूर्ण मानती हैं। खासकर भाई हिमप्रीत हनी के सहयोग के लिए उन्होंने आभार जताया।
बालीआपतरा जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर कस्तूरी ने देहरादून में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनकी उपलब्धि पाकुड़ ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। कस्तूरी की कहानी बताती है कि सपने बड़े हों तो संसाधनों की कमी रास्ते की बाधा नहीं बनती। हौसला, मेहनत और विश्वास के साथ मंजिल हासिल की जा सकती है।





