Ranchi News: झारखंड में भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आते रहते हैं। इस बार मामला पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़ा है। विभाग के चीफ इंजीनियर निरंजन कुमार 300 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति के मालिक हैं। उनकी पत्नी निवेदिता सिन्हा चार बड़ी ब्रांडेड वस्त्र निर्माण कंपनियों के शोरूम की मालकिन हैं। इसके अलावा कई शहरों में दंपति के पास काफी जमीन है।
इसका खुलास विभाग के एक लेखा लिपिक ने किया है। विभाग के निलंबित उच्चवर्गीय लेखा लिपिक संतोष कुमार ने शपथपत्र के जरिए विभाग के अपर सचिव को इससे संबंधित सारे दस्तावेज सौंपा है। विभाग ने संतोष कुमार से शपथपत्र के जरिए सारे आरोपों को प्रस्तुत करने को कहा है। संतोष कुमार ने शपथपत्र के साथ ईडी को निरंजन कुमार और उनकी पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए बयान संबंधी कागजात भी सौंपा है, जिसमें उन्होंने सिलसिलेवार संपत्ति के माध्यम से जानकारी दी है।
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निरंजन कुमार पर यह भी आरोप है कि वे बिहार के भागलपुर के मूल निवासी हैं और उन्होंने स्वयं का चाईबासा का मूल निवासी बताया है। यही नहीं, उन्होंने जाति प्रमाणपत्र भी फर्जी दिया है। यह भी जानकारी दी गई है कि उनकी इंजीनियरिंग की डिग्री भी संदेहास्पद है। वे अंग्रेजी के सामान्य शब्द भी विभागीय पत्राचार में अशुद्ध लिखते हैं। इस शपथपत्र से 1997 में तत्कालीन बिहार सरकार में सेवा में आए निरंजन कुमार की मुश्किलें बढ़ सकती है।
निरंजन कुमार पेयजल विभाग में वर्षों से जमे हुए हैं। उनकी पत्नी के नाम पर चार ब्रांडेड वस्त्र कंपनियों के शोरूम और जमीन हैं। शपथपत्र की प्रतिलिपि तमाम दस्तावेजों के साथ विभागीय मंत्री समेत मुख्यमंत्री, एंटी करप्शन ब्यूरो, महालेखाकार को भी दिया गया है। दैनिक जागरण में छपी रिपोर्ट के बाद अब उनकी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
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ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर के समक्ष पत्नी निवेदिता सिन्हा ने कबूला
पीटर इंग्लैंड का शोरूम – बोकारो माल, बोकारो।
काब शोरूम – वायरोरी माल, देवघर।
जाकी शोरूम – थाना रोड, दुमका।
किलर शोरूम – बिजली आफिस के सामने, साहिबगंज।
17 कट्ठा जमीन – संपतचक, पटना
10 डिसमिल जमीन – महेशमारा, देवघर।
40 कट्ठा जमीन – भागलपुर, बिहार
तीन डिसमिल पर मकान – हरमू, रांची।
1200 वर्गफीट का फ्लैट – ई-402, बंसल प्लाजा, स्टेशन रोड, रांची।
तीन बैंक अकाउंट नाम पर और तीन ओम गणपति अकाउंट के नाम पर।
विभाग को नहीं पता, कहां किया इंजीनियरिंग
विभाग को सौंपे गए शपथपत्र में दावा किया गया है कि निरंजन कुमार की इंजीनियरिंग की डिग्री भी संदिग्ध है। विभाग को भी इस बारे में स्पष्ट पता नहीं है। ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर (पीएमएलए) करुण को दी गई जानकारी में निरंजन कुमार ने बताया है कि उनकी स्कूली शिक्षा भागलपुर से हुई और वे एमएस रमैया इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी, बेंगलुरु से 1992 में पास आउट हैं। जबकि इस सत्र में निरंजन कुमार नाम का कोई छात्र पासआउट नहीं हुआ है। विभाग की तरफ से उन्हें संरक्षण मिलता रहा है, क्योंकि 300 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति उन्होंने अर्जित कर रखी है।




