डेस्कः क्या 3 मई 2026 को देशभर में हुई नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ था। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की जांच में जो नए तथ्य सामने आये है हैं, वो ऐसे ही संकेत दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पेपर छापने से पहले ही सवाल नकल गैंग के पास पहुंच गए थे। इनमें बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल थे। लीक के तार सीधे जयपुर से जुड़ रहे हैं।
NEET-2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच तेज हो गई है, लेकिन अब तक इस पूरे प्रकरण में कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने अब तक एक दर्जन से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की है और जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में जयपुर के मनीष और सीकर के राकेश को मुख्य किरदार माना जा रहा है। एसओजी की जांच में शुरुआती संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों तक भी फैले हो सकते हैं।एसओजी यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर केरल से होता हुआ किन-किन राज्यों से कहां-कहां बिका। इस दौरान कितनी रकम का लेनदेन किया गया। ‘लीक क्वेश्चन बैंक’ का केंद्र सीकर रहा। सवालों के सीकर, झुंझुनूं, चूरू, नागौर और देहरादून तक जाने की पुष्टि हो चुकी है।
सीकर के पीपराली रोड पर एसके कंसल्टेंसी चलाने वाला राकेश मंडावरिया मुख्य किरदार है। इसे अप्रैल में ही ‘क्वेश्चन बैंक’ मिल गया था। केरल से एमबीबीएस कर रहे चूरू के युवक को भी प्रश्नों की पीडीएफ सीकर से ही भेजी गई। संदिग्धों की चैट और कॉल लॉग्स खंगालना बाकी है। एसओजी को पता चला है कि सवालों के प्रिंट भी छात्रों को बांटे गए।
पेपर छपने से पहले ही नकल गैंग के पास पहुंच गए थे बायोलॉजी के 90, केमिस्ट्री के 35 सवाल
नीट क्लीन होने के दावों और पूरे सिस्टम को चैलेंज करते हुए पेपर माफिया नीट पर्चा लीक करने में कामयाब रहे। भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि पेपर छपने से पहले ही सवाल नकल गैंग के पास पहुंच गए थे। इनमें बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल थे। इस ‘लीक’ के तार सीधे तौर पर जयपुर से जुड़ रहे हैं।एसओजी ने सोमवार को जयपुर से मनीष नाम के शख्स को पकड़ा है। इसे ही पेपर छपने से पहले सवाल लीक करने का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। इसके पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। इसके कई और राज्यों में फैले होने की आशंका है। गैंग ने छपने से पहले ही लीक किए सवालों में दूसरे सवाल मिलाकर एक ‘क्वेश्चन बैंक’ तैयार किया। इस काम को मनीष ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया।एसओजी इन सबकी धरपकड़ करने में जुटी है। इस ‘क्वेश्चन बैंक’ को ही परीक्षा देने वाले छात्रों को बांटा गया। इसमें से बायोलॉजी के 90 में से 90 सवाल और केमिस्ट्री के 45 में से 35 सवाल हूबहू परीक्षा में आए। इसे लेने वाले कई छात्रों से एजेंसी ने पूछताछ की है। इसमें इन्होंने पैसे के लेनदेन की बात स्वीकार की है। एजेंसी इसकी पूरी मनी ट्रेल निकाल रही है।
प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका पर भी सवाल
जांच एजेंसियों को शक है कि कथित ‘गेस पेपर’ तैयार करने और उसे छात्रों तक पहुंचाने में प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े कर्मचारियों और अंदरूनी लोगों की भूमिका भी हो सकती है। इसी एंगल से अब जांच आगे बढ़ाई जा रही है।एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह गेस पेपर किसने तैयार किया और सबसे पहले यह किन लोगों तक पहुंचा।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, NEET-2026 परीक्षा से एक दिन पहले कथित रूप से एक ‘गेस पेपर’ छात्रों के बीच पहुंचा था, जिसमें 180 में से करीब 125 सवाल असली परीक्षा के प्रश्नों से मेल खाते पाए गए। इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया और गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए जांच शुरू की गई।गौरतलब है कि परीक्षा वाले दिन ही कुछ छात्रों ने सीकर के उद्योग नगर थाने में शिकायत दी थी, लेकिन उस समय इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। बाद में छात्रों ने सबूतों के साथ NTA को ईमेल किया, जिसके बाद एजेंसियां सक्रिय हुईं।हालांकि, NTA के स्थानीय को-ऑर्डिनेटर ने अब तक किसी आधिकारिक गड़बड़ी या शिकायत से इनकार किया है और कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई। फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
राहुल गांधी ने साधा निशाना
इस मामले को लेकर राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘नीट 2026 के पेपर लीक की खबर सुनी। परीक्षा नहीं – नीट अब नीलामी है।कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले वॉट्सऐप पर बिक रहे थे। 22 लाख से ज्यादा बच्चे साल भर रात-रात भर आंखें जलाकर पढ़ते रहे और एक रात में उनका भविष्य बाजार में सरेआम नीलाम हो गया।’ उन्होंने कहा, ‘यह पहली बार नहीं है। 10 साल में 89 पेपर लीक, 48 बार दोबारा परीक्षा। हर बार वही वादे,और फिर वही खामोशी।’


