JTET-2026 में नहीं शामिल होंगी भोजपुरी, मगही और अंगिका, मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा- अगली परीक्षा पर लागू होगा कमेटी का फैसला

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May 12, 2026

JTET-2026 में नहीं शामिल होंगी भोजपुरी, मगही और अंगिका, मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा- अगली परीक्षा पर लागू होगा कमेटी का फैसला

रांचीः झारखंड में भाषा विवाद के बीच झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 को लेकर एक बात लगभग साफ हो गई है कि इस बार भोजपुरी, मगही और अंगिका शामिल नहीं होंगी। झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा विज्ञापन जारी करने और आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब भाषा सूची में बदलाव करना कानूनी और तकनीकी रूप से मुश्किल माना जा रहा है।
हालांकि सरकार ने विवाद सुलझाने के लिए पांच मत्रियों की उच्चस्तरीय कमेटी बनाई है, लेकिन उसका फैसला अगली जेटेट परीक्षा से ही लागू हो सकता है। दरअसल, नियमानुसार परीक्षा प्रक्रिया शुरू होने होने और विज्ञापन जारी होने के बाद पात्रता शर्तो या मुख्य सिलेबस में बड़ा बदलाव करना कानूनी रूप से उचित नहीं माना जाता है। ऐसे में नई भाषाएं जोड़ने पर पूरी प्रक्रिया कोर्ट में चुनौती के दायरे में आ सकती है, जिससे परीक्षा रद्द होने का खतरा भी बढ़ सकता है।
यही वजह है कि भाषा विवाद के बावजूद इस बार की जेटट परीक्षा रद्द होने की संभावना नहीं है। उल्लेखनीय है कि कैबिनेट की बैठक में कांग्रेस कोटे के मंत्री राधा कृष्ण किशोर और दीपिका पांडे सिंह ने जेटट नियमावली में भोजपुरी, मगही, अंगिका को शामिल नहीं किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। वहीं बीजेपी ने भी भेदभाव का आरोप लगाया था।
कार्मिक विभाग की अधिसूचित भाषाएं ही रहेंगी मान्य
मौजूदा जेटट परीक्षा के लिए कार्मिक विभाग की पहले से अधिसूचित जिलावार क्षेत्रीय भाषाओं की सूची को ही आधार बनाया गया है। इस सूची में भोजपुरी, मगही और अंगिका शामिल नहीं हैं। हालांकि पलामू प्रमंडल में भोजपुरी और मगही, जबकि गोड्डा समेत संथाल परगना के कई जिलों में अंगिका बड़े पैमाने पर बोली जाती है।
भाषाओं को जोड़ने या हटाने की सिफारिश करेगी कमेटी
भाषा विवाद सुलझाने के लिए राज्य सरकार ने पांच मंत्रियों की कमेटी बनाई है। कमेटी विभिन्न जिलों में क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं की जनसांख्यिकी का अध्ययन कर भाषाओं को जोड़ने या हटाने की सिफारिश करेगी। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर इसके समन्वयक है। मंत्री दीपिका पांडे सिंह, संजय प्रसाद यादव, योगेंद्र प्रसाद और सुदिव्य कुमार इसके सदस्य है।
जानिये क्यों मुश्किल है बदलाव
-जेटट आवेदन की अंतिम तिथि 21 मई है।
– उच्चस्तरीय कमेटी की पहली बैठक 17 मई को प्रस्तावित है।
– उच्चस्तरीय कमेटी की रिपोर्ट आने और उस पर कैबिनेट की मंजूरी मिलने में समय लग सकता है।
– जैक के ऑनलाइन पोर्टल में भाषाओं का विकल्प पहले से तय है। नई भाषाएं जोड़ने के लिए पूरे पोर्टल और डेटाबेस को दोबारा डिजाइन करना होगा, जो मौजूदा समय सीमा में संभव नहीं माना जा रहा।
अगली परीक्षा पर लागू होगी कमेटी का फैसला
इस मामले पर राज्य के वित्त मंत्री और कमेटी के समन्वयक राधा कृष्ण किशोर ने कहा है कि उच्चस्तरीय कमेटी का जो भी निर्णय होगा, उसका असर वर्तमान जेटट परीक्षा पर नहीं पड़ेगा। हमारा निर्णय अगली परीक्षा पर लागू होगा। वर्तमान जेटट परीक्षा तीनों भाषाओं के बगैर होगी। हम युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं करना चाहते है।

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