डेस्कः बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेट कप्तान और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के पुश्तैनी घर पर बुधवार देर रात पेट्रोल बम फेंका गया।ये हमला भारत में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ उनकी वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के कुछ ही घंटों बाद हुआ।हमला मागुरा शहर के केशवमोर इलाके में शाकिब अल हसन के पुश्तैनी घर पर हुआ। घर में तोड़-फोड़ भी की गई। ये घटना नई दिल्ली के फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में आयोजित शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के ठीक बाद हुई।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने शेख हसीना की इस बाचतीच पर नाराजगी जताई है।बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय अवामी लीग की तरफ से आए बयान में कहा गया, “घरों को आग के हवाले करना, अवामी लीग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने की कीमत है।बांग्लादेश पर नव-फासीवाद का साया है।” आवामी लीग का मानना है कि मौजूदा सरकार तानाशाही का रूप ले चुकी है।
Torching residences : the cost of attending Awami League press conference
Neo fascism engulfs BangladeshA grisly petrol bomb attack took place at the residence of Bangladesh’s celebrated cricket icon Sakib Al hasan, hours after the world famous star cricketer appeared at a… pic.twitter.com/Uqmwwih3XG
— Bangladesh Awami League (@albd1971) August 5, 2026
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले मिली थी धमकी
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले, BNP, इस्लामी जमात और NCP ने नेशनल मीडिया आउटलेट्स को खुलेआम धमकी दी थी कि अगर प्रेस कॉन्फ्रेंस की खबरें छपीं, तो वे कोर्ट जाएंगे और इस मामले पर मुकदमा करेंगे। बयान में कहा गया, “ये सोची-समझी कार्रवाई लोकतंत्र बनाने के नाम पर अवामी लीग के कार्यकर्ताओं के खिलाफ चल रहे नरसंहार अभियान का एक और सबूत है, जो फासीवाद की निशानी है।”
बुधवार को शेख हसीना सरकार के तख्तापलट को दो साल पूरे हो गए। इस मौके पर शेख हसीना ने कहा कि वो दिसंबर में बांग्लादेश लौटने के लिए पक्का इरादा कर चुकी हैं।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को फिर बहाल करने की इस कोशिश में वो गिरफ्तारी या मौत का सामना करने के लिए भी तैयार हैं।
‘मैं अपने लोगों के बीच वापस जाऊंगी’
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, “मेरा लौटना सत्ता के लिए नहीं है, बल्कि बांग्लादेश को विकास, धर्मनिरपेक्षता और खुशहाली की राह पर वापस लाने के लिए है।” 78 साल की पूर्व प्रधानमंत्री ने उन खतरों को माना जो उनके लौटने पर उनके सामने आ सकते हैं।
शेख हसीना ने कहा, “मुझे पता है, वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मार भी सकते हैं। मैं अपने लोगों के बीच रहने के लिए घर वापस जाऊंगी। मैंने जाने का फैसला कर लिया है और मैं बांग्लादेश जाऊंगी।”
दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी शेख हसीना
शेख हसीना ने वर्चुअस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए ये ऐलान किया कि वे दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी। उन्होंने कहा कि वे देश में लोकतंत्र बहाली की कोशिश में गिरफ्तारी या यहां तक कि मौत का सामना करने के लिए भी तैयार हैं। 78 साल की शेख हसीना 5 अगस्त, 2024 से भारत में रह रही हैं। उन्होंने छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के बाद हुए अपनी सरकार के पतन के बाद ढाका छोड़ दिया था।






