नई दिल्ली, 21 जुलाई 2025 — मॉनसून सत्र से पहले पीएम मोदी ने कहा है कि इस सत्र को राष्ट्र का गौरवपूर्ण सत्र होगा । उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने 22 मिनट के अंदर आतंक को जमींदोज कर दिया था । उन्होंने भारत के शुभांशु शुक्ला द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर भारत का तिरंगा लहराने की प्रशंसा की और भारत के लिए गौरवपूर्ण बताया । उन्होने कहा कि सत्र में विजय के भाव को प्रकट किया जाएगा ।
पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद और नक्सलवाद तेजी से सिकुड़ रहा है । देश के सैकड़ों जिले नक्सलवाद से निकल मुक्ति का सांस ले रहे हैं । बम-बंदूक के आगे देश का संविधान जीत रहा है । कल तक तो रेड कॉरिडोर थे वे ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर ग्रोथ कर रहे हैं। संसद के सत्र में ये गौरव गान सुनेगा ।
लोकसभा में दी गई श्रद्धाजंलि
लोकसभा की शुरुआत पूर्व सांसदों के निधन, पहलगाम के आतंकी घटना में मारे गए लोगों और अहमदाबाद में एयर इंडिया के प्लेन क्रैश में मारे लोगों को श्रद्धांजलि के साथ शुरु हुई ।
शुभांशु शुक्ला के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचने पर बधाई दी गई ।
इससे पहले संसद के सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र से एक दिन पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सहित सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। हालांकि सरकार ने यह भी कहा कि चर्चा केवल निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत ही होनी चाहिए
इस बैठक में विपक्षी दलों ने मांग की कि ‘पहुलगाम-ऑपरेशन सिंदूर-प्रेसिडेंट ट्रंप’ जैसे संवेदनशील मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद संसद में मौजूद रहकर जवाब देना चाहिए। इसके अलावा बिहार में चल रहे विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) पर भी चर्चा की मांग की गई।
प्रधानमंत्री की संसद में मौजूदगी जरूरी: कांग्रेस
कांग्रेस ने सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि जब ‘पहुलगाम-ऑपरेशन सिंदूर-प्रेसिडेंट ट्रंप’ जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी, तो प्रधानमंत्री की संसद में मौजूदगी अनिवार्य है। कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा, “प्रधानमंत्री संसद में बहुत कम दिखाई देते हैं। वे साल में सिर्फ एक बार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हैं। लेकिन इस बार उन्हें देश के प्रति जवाबदेही निभानी चाहिए।”
21 दिन का होगा मानसून सत्र
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने स्पष्ट किया कि संसद में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, इसका अंतिम निर्णय लोकसभा और राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटियां लेंगी। मानसून सत्र में कुल 21 बैठकें प्रस्तावित हैं। इस सत्र में विपक्ष सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार ने भी संकेत दे दिया है कि वह किसी भी चर्चा से पीछे नहीं हटेगी, बशर्ते वह सदन के नियमों के तहत हो।
मॉनसून सत्र में सरकार लाएगी ये बिल
- बिल ऑफ लीडिंग विधेयक, 2024
- समुद्र मार्ग से माल की ढुलाई विधेयक, 2024
- तटीय शिपिंग विधेयक, 2024
- गोवा राज्य की विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का पुनः समायोजन विधेयक, 2024
- मर्चेंट शिपिंग विधेयक, 2024
- भारतीय बंदरगाह विधेयक, 2025
- आयकर विधेयक, 2025
- मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 – एक अध्यादेश का स्थान लेने हेतु
- जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025
- भारतीय प्रबंध संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025
- कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2025
- भू–संरक्षण स्थलों एवं भू–अवशेषों (संरक्षण एवं अनुरक्षण) विधेयक, 2025
- खनिज एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2025
- राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, 2025
- 15. राष्ट्रीय डोपिंग–रोधी संशोधन विधेयक, 2025




