चिप्स और जंक फूड के लालच में जंगल नहीं लौट रहे है बंदर, पलामू-लातेहार के बीच सड़क किनारे जमा लिया हैं डेरा

चिप्स और जंक फूड के लालच में जंगल नहीं लौट रहे है बंदर, पलामू-लातेहार के बीच सड़क किनारे जमा लिया हैं डेरा

डेस्कः पहाड़ी और पठारी इलाकों में पर्यटकों ने चिप्स, कुरकुरे, मैगी या अन्य जंक फूड खिलाकर जंगली जानवरों की आदत बिगाड़ दी है। इस वजह से जंगली जानवर खास तौर पर बंदर और लंगूर अपने प्राकृतिक वास स्थलों को छोड़कर सड़कों के किनारे फेंके जाने वाले खाने का इंतजार करते रहते है।

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इस तरह का ही नजारा झारखंड के पलामू और लातेहार के बीच देखने को मिल रहा है। जहां जंगल के किनारे बने सड़कों पर बड़ी संख्या में बंदरों का कब्जा हो गया है। जंगल के अंदर जाने की जगह बंदर सड़क किनारे लोगों का इंतजार करते रहते है। सड़क पर बैठक वो वहां से गुरजने वाले लोगों से भोजन प्राप्त करने की उम्मीद लगाए बैठे रहते है। इस तरह के खाद्य पदार्थ वन जीवों के सेहत पर खराब प्रभाव डाल रहे है।

 

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इस तरह का जंक फूड देकर लोग बंदर समेत अन्य वन्य जीवों की जान से खिलवाड़ कर रहे है। यह वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। यही नहीं इस तरह से सड़क पर कब्जा करके बैठे रहने से सड़क हादसे की संभावना भी बढ़ जाती है। कई बार तेज रफ्तार में आ रही गाड़ी बंदरों के सड़क पर बैठे रहने से हादसे का शिकार हो जाती है। कई बार वाहन और उसके मालिक को इससे नुकसान होता है तो कई बार वन्य जीव इसका शिकार बन जाते है।

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भारतीय वन्यजीव संस्थान के पूर्व वैज्ञानिक डॉक्टर वाई एस झाला के अनुसार, इस तरह के खाद्य पदार्थ वन्यजीवों की सेहत खराब कर सकते है। छोटे वन्यजीवों के पीछे उनका शिकार करने वाले रीछ, गुलदार बाद्य जैसे मांसाहारी वन्यजीव भी निचले इलाकों में आएंगे।

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