दिल्ली : लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर गुमला जिले में राष्ट्रीय उच्च मार्ग-43 से जुड़ी एक गंभीर जनचिंता को प्रमुखता से रखा। सांसद ने बताया कि गुमला में भारत माला परियोजना के तहत एनएच-43 का निर्माण कार्य पूर्व निर्धारित मार्ग—सीलम, नावाडीह होते हुए छत्तीसगढ़ तक के शुरू हुआ था, जिसे लोग लंबे समय से स्वीकार कर चुके थे। भगत ने मंत्री को अवगत कराया कि क्षेत्र के कई आदिवासी व अन्य समुदाय के लोगों ने विकास की भावना से अपनी जमीन स्वेच्छा से दी थी। लेकिन एनएचएआई के कुछ अधिकारियों द्वारा कथित रूप से गलत और भ्रामक आंकड़े प्रस्तुत कर परियोजना के मार्ग में बदलाव किया गया। नए मार्ग पर सर्वेक्षण जारी है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद सुखदेव भगत को मामले की गंभीरता समझते हुए समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

नए मार्ग से सैकड़ों परिवार होंगे विस्थापित
सांसद ने कहा कि नए प्रस्तावित मार्ग के कारण सैकड़ों आदिवासी परिवारों को अपनी उपजाऊ कृषि भूमि छोड़नी पड़ेगी। उनकी आजीविका पूरी तरह खेती पर निर्भर है, ऐसे में भूमि छिनने से कई परिवार हमेशा के लिए बेरोजगार और आजीविका विहीन हो जाएंगे। प्रभावित परिवारों ने सांसद से स्पष्ट कहा कि उन्होंने पहले ही अपनी जमीन सड़क निर्माण के लिए दी है, अब नए मार्ग पर वे जमीन नहीं दे सकते।
परियोजना लागत भी दोगुनी, सरकार को भारी नुकसान
सांसद ने मंत्री को बताया कि पुराने प्रस्ताव में परियोजना की लागत 700 करोड़ रुपये थी, जबकि नए मार्ग के तहत यह बढ़कर 1200 करोड़ रुपये हो गई है। पुराने मार्ग की लंबाई 12 किलोमीटर थी, जो नया मार्ग बन जाने पर 34 किलोमीटर तक बढ़ जाएगी। ऐसे में सरकार को भारी वित्तीय हानि झेलनी पड़ेगी।
पुरानी परियोजना को बहाल करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
सांसद भगत ने मंत्री से आग्रह किया कि आदिवासी समाज के हितों की रक्षा और सरकारी राजस्व की बचत को ध्यान में रखते हुए नए प्रस्तावित मार्ग को तत्काल स्थगित किया जाए तथा एनएच-43 के पुराने मार्ग पर ही कार्य सुनिश्चित किया जाए। साथ ही गलत तथ्य प्रस्तुत करने वाले संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी रखी।




