लोहरदगा: आठ अप्रैल को हुए युवा कारोबारी शिबू साहू उर्फ नरेश साहू की हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड में शामिल लगभग सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लोहरदगा पुलिस ने हत्या की घटना को अंजाम देने वाले शूटर को यूपी के गोंडा जिले से गिरफ्तार किया है। आठ अप्रैल को सेन्हा थाना क्षेत्र के सेरेंगहातू स्थित एक सैलून में शिबू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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यूपी के शूटर ने दिया हत्या को अंजाम
एक हफ्ते के अंदर इस हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जिले के एसपी हारिस बिन जमां ने शिबू हत्याकांड को लेकर प्रशिक्षू आईपीएस अधिकारी वेदांत शंकर जो सेन्हा के थाना प्रभारी के रूप में पोस्टेड है उनके नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। वेदांत शंकर के नेतृत्व में एसआईटी ने यूपी के गोंडा जाकर शूटर अमरेश मिश्रा को गिरफ्तार किया।
एसपी ( Harish Bin Zama) ने पूरे शिबू हत्याकांड को लेकर बताया कि पैसे के लेन देन को लेकर शिबू साहू की हत्या की गई। लोहरदगा के रहने वाले मनौवर अंसारी से शिबू साहू का करीब 15 सालों से पैसे का लेन देन चल रहा था। शिबू उसे सूद पर पैसे दिया करता था, पैसे की रकम इतनी ज्यादा हो गई कि मनौवर को लगा कि वो कभी शिबू को इतना पैसा लौटा नहीं पायेगा, इसलिए लोहरदगा के ही रहने वाले मुस्तकीन अंसारी और सरवर कुरैसी के साथ मिलकर शिबू की हत्या की साजिश रची। इन लोगों ने मिलकर यूपी के गोंडा से शूटर अमरेश मिश्रा को लोहरदगा बुलाया और उसे हथियार मुहैया कराया। अमरेश मिश्रा हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद गोंडा फरार हो गया। अमरेश की गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल के पास से ही हथियार को बरामद किया। शिबू की हत्या के लिए अमरेश को 5 लाख रूपये में सुपारी दी गई थी, एडवांस के रूप में भी अमरेश को रकम दी गई थी जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।




