बिहार से पकड़े गए अपराधी जसकरण सिंह को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते हथियार की डिलिवरी अपराधियों को करने वाले गिरोह का सदस्य जसकरण प्रीत सिंह बिहार में गिरफ्तार किया गया है। जसकरण के नाम का खुलासा अजरबैजान से प्रत्यर्पण के बाद रांची लाए गए मयंक सिंह उर्फ सुनील मीणा ने भी किया था। जसकरण पंजाब के आर्म्स तस्करों के रैकेट का प्रमुख सदस्य है। तो चलिए आपको बताते हैं कि कौन है जसकरण सिंह और पाकिस्तान से लेकर पंजाब और बिहार तक क्या करता था।
जसकरण की गिरफ्तारी के बाद पटना पुलिस ने फिलहाल जसकरण को जेल भेज दिया है। लेकिन, पटना में उसकी गिरफ्तारी के बाद डीजीपी अनुराग गुप्ता ने एटीएस को इस संबंध में कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके बाद एटीएस की टीम ने पूरे मामले की जानकारी पटना एसएसपी को दी है। पटना पुलिस की टीम जसकरण को रिमांड पर लेगी, इसके बाद एटीएस की टीम पटना जाकर उससे पूछताछ करेगी। जसकरण सिंह से पूछताछ के बाद भारत में आतंक के नेटवर्क को लेकर कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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लॉरेंस और अमन साहू गिरोह को आर्म्स पहुंचाता था जसकरण
रांची में पूछताछ के दौरान सुनील मीणा उर्फ मयंक सिंह ने बताया था कि लॉरेंस विश्नोई और अमन साहू गैंग को पाकिस्तान से विदेशी हथियार आते थे। सुनील मीणा ने बताया था कि ड्रोन का इस्तेमाल कर पाकिस्तानी आर्म्स डीलर हथियार पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के अमृतसर, तरण तारण, फिरोजपुर और गुरुदासपुर के इलाके में गिराते थे। इसके बाद पंजाब के स्थानीय हथियार सप्लायर इसे झारखंड समेत देश के अलग-अलग गिरोहों तक पहुंचाते थे। मयंक सिंह ने बताया था कि अमन साहू गैंग के लिए झारखंड में हथियार की डिलिवरी में जसकरण प्रीति सिंह का नाम सामने आया था। वह खुद भी कई बार हथियार की डिलिवरी रांची समेत अन्य जगहों पर कर चुका है।
पाकिस्तान तक हवाला के जरिए जाता था पैसा
एटीएस को पूछताछ में मयंक सिंह ने बताया था कि हथियार की डिलिवरी के बाद पाकिस्तान आर्म्स डीलरों तक पैसा पहुंचाने के लिए हवाला का इस्तेमाल किया जाता था। हवाला के जरिए आपराधिक गिरोह के सदस्य पैसा यूरोपीय देश में बैठे अनमोल विश्नोई, गोल्डी बरार समेत गिरेाह के अन्य सदस्यों तक पहुंचाते थे। इसके बाद पैसे की डिलिवरी मलेशिया के क्वालालंपुर में पाकिस्तानी रेस्तरां के संचालक पाक पंजाब को की जाती थी। रेस्तरां संचालक के द्वारा पैसे की डिलिवरी पाकिस्तानी आर्म्स डीलरों को की जाती थी।




