पटनाः बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा हर 15 दिन में भूमि सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को दैनिक लक्ष्य पूरा करने और रिपोर्ट मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया। पहले चरण के 20 जिलों में सर्वेक्षण इस साल के अंत तक पूरा करना है, जिसमें 67% ड्राफ्ट और 33% फाइनल पब्लिकेशन हो चुका है।
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उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने साफ कहा है कि वे खुद हर 15 दिन में सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा करेंगे, ताकि काम में तेजी बनी रहे और तय समय पर लक्ष्य पूरा हो सके।उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सभी जिलों के बंदोबस्त अधिकारियों को निर्देश दिया है कि रोजाना तय लक्ष्य के हिसाब से काम करें। उन्होंने कहा कि हर दिन का लक्ष्य तय हो, शाम में उसकी समीक्षा हो और उसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाए। उनका जोर इस बात पर रहा कि काम में किसी तरह की सुस्ती अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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उन्होंने बताया कि पहले चरण के 20 जिलों के 89 अंचलों में सर्वेक्षण का काम इस साल के अंत तक हर हाल में पूरा करना है। अभी तक 67 फीसदी से ज्यादा मौजों का ड्राफ्ट पब्लिकेशन हो चुका है, जबकि 33 फीसदी से अधिक का फाइनल पब्लिकेशन भी पूरा कर लिया गया है। वहीं दूसरे चरण के 36 जिलों के 445 अंचलों में त्रिसीमाना, सीमा सत्यापन और किश्तवार का काम तेजी से पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। काम की बेहतर मॉनिटरिंग के लिए भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय में एक विशेष टीम भी बनाई गई है, जो लगातार प्रगति पर नजर रख रही है।
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उपमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि शेखपुरा जिला सर्वेक्षण कार्य में अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जो बाकी जिलों के लिए एक अच्छा उदाहरण है। उन्होंने अन्य जिलों को भी उसी तरह लक्ष्य तय कर तेजी से काम करने को कहा। उन्होंने साफ कहा कि यह कार्यक्रम राज्य में भूमि प्रबंधन को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी। डिप्टी सीएम का मानना है कि इस अभियान के पूरा होने से जमीन से जुड़े विवाद काफी कम होंगे और आम लोगों को राजस्व से जुड़ी समस्याओं में बड़ी राहत मिलेगी।









