पटनाः नोटबंदी के दौरान 2 करोड़ रुपए की हेराफेरी करने के आरोप में बैंक ऑफ इंडिया, फुलवरिया शाखा, कोडरमा के बैंक मैनेजर अरविंद कुमार को आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। टीन ने उन्हें बैंक से ही गिरफ्तार किया। 2016 में जब केंद्र सरकार ने नोटबंदी लागू किया था, उस वक्त अरविंद कुमार बैंक ऑफ इंडिया मेन ब्रांच गयाजी में प्रोबेशनरी अफसर थे। इस दौरान अरविंद कुमार और अन्य बैंककर्मियों-अधिकारियों ने मिलकर इस बैंक के ग्राहकों के खाते में बिना उनकी अनुमति से दूसरों की रकम डालकर 2 करोड़ रुपए फर्जीवाड़ा किया था। इस बैंक के ग्राहक राजेश कुमार ने गयाजी के सिविल लाइन थाना में 10 साल पहले केस दर्ज किया था। गयाजी सिविल लाइन में केस दर्ज होने के बाद इस ईओयू ने टेकओवर कर लिया था। ईओयू 6 बैंक अधिकारी व अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें कई सुप्रीम कोर्ट की जमानत पर हैं। चार के खिलाफ ईओयू ने चार्जशीट कर दिया है। जांच में अरविंद का भी नाम आया था। इसके बाद अरविंद को अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया। अरविंद इस केस के आखिरी अभियुक्त थे जिनकी गिरफ्तारी नहीं हुई थी। अरविंद कुमार दानापुर के बीबीगंज, पंचवटी नगर के निवासी हैं।


