लातेहार: झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ जारी अभियान में लातेहार पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। 20 लाख रुपये के इनामी प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के रीजनल कमेटी सदस्य रविन्द्र गंझू उर्फ मुकेश गंझू उर्फ सुरेन्द्र गंझू ने रिमांड के दौरान ऐसा राज उगला, जिसने माओवादियों के हथियारों के गुप्त नेटवर्क की परतें खोल दीं। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जंगल में बरगद के एक विशाल पेड़ के नीचे छिपाकर रखी गई AK-56 राइफल, दो मैगजीन, 90 जिंदा कारतूस और एक नक्सली पाउच बरामद कर लिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान रविन्द्र गंझू ने हथियारों के गुप्त ठिकाने की सटीक जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के निर्देश पर एसडीपीओ संदीप कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। चंदवा थाना पुलिस और सुरक्षा बलों ने संयुक्त सर्च अभियान चलाया। घने जंगल में बरगद के पेड़ के नीचे छिपाए गए हथियारों का जखीरा बरामद होते ही लातेहार पुलिस को एक ओर सफलता मिली।
रविन्द्र गंझू लंबे समय तक माओवादी संगठन का अहम कमांडर रहा है। लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा और गुमला समेत कई जिलों में उसने संगठन की गतिविधियों का संचालन किया। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, विस्फोट, पुलिस बलों पर हमले और अन्य संगीन अपराधों के अनेक मामले दर्ज हैं।
एसडीपीओ संदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि रिमांड के दौरान मिली अहम सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही गिरफ्तारियों और आत्मसमर्पण से माओवादी संगठन कमजोर पड़ चुका है। बचे हुए उग्रवादियों से मुख्यधारा में लौटकर आत्मसमर्पण करने की अपील करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि हथियार नहीं छोड़ने वालों के खिलाफ अभियान और अधिक तेज किया जाएगा।


