गिरिडीहः गांडेय थाना क्षेत्र के बेलाटांड में जेएमएम महिला मोर्चा की जिला संगठन सचिव सह मांगरोडीह पंचायत की मुखिया आशा देवी और उनके बेटे करण शर्मा से मारपीट का मामला सामने आया है। आशा देवी ने अपने पैतृक गांव में जमीन कब्जे की कोशिश और जानलेवा हमले का आरोप है।
आशा देवी ने इसको लेकर गांडेय थाने में शिकायत दर्ज करायी है। अपने आवेदन में आशा देवी ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जे को लेकर 50 से 60 लोग जेसीबी लेकर पहुंचे और उनके साथ उनके बेटे के साथ भी मारपीट की। आशा देवी ने 10 लाख रुपये रंगदारी मांगने, छेड़छाड़ और मोबाइल व नकदी छीनने का आरोप लगाया है।
इस मामले को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा है कि झारखंड में महिला सुरक्षा के दावों की हकीकत देखिए!
गिरिडीह के गांडेय विधानसभा क्षेत्र के बेलाटांड़ गांव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) महिला मोर्चा की जिला सचिव सह मुखिया आशा शर्मा और उनके बेटे कर्ण शर्मा के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि जमीन विवाद में लोहे की रॉड और लाठियों से मां-बेटे को पीटा गया।
सबसे गंभीर बात यह है कि घटना के छह दिन बीत जाने के बाद भी पीड़िता के अनुसार पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।पीड़िता आशा शर्मा का आरोप है कि उन्होंने गांडेय की विधायक एवं मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी की पत्नी श्रीमती कल्पना सोरेन से भी कार्रवाई का भरोसा मिलने के बावजूद अब तक न्याय नहीं पाया है।
सवाल यह है कि जब सत्तारूढ़ दल की महिला मोर्चा की जिला सचिव ही अपनी सुरक्षा और न्याय के लिए गुहार लगा रही हैं, तो झारखंड की आम महिलाओं की स्थिति क्या होगी?
जब सत्ता से जुड़ी महिला जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के मामले में भी न्याय की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं, तब आम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता और भी गंभीर हो जाती है।
मुख्यमंत्री जी, महिला सुरक्षा केवल भाषणों और सरकारी विज्ञापनों का विषय नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही है।आशा शर्मा और उनके बेटे को न्याय मिले, सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वालों पर कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
झारखंड में महिला सुरक्षा के दावों की हकीकत देखिए!
गिरिडीह के गांडेय विधानसभा क्षेत्र के बेलाटांड़ गांव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) महिला मोर्चा की जिला सचिव सह मुखिया आशा शर्मा और उनके बेटे कर्ण शर्मा के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि जमीन विवाद में लोहे की रॉड और लाठियों से मां-बेटे को पीटा गया।
सबसे गंभीर बात यह है कि घटना के छह दिन बीत जाने के बाद भी पीड़िता के अनुसार पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पीड़िता आशा शर्मा का आरोप है कि उन्होंने गांडेय की विधायक एवं मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी की पत्नी श्रीमती कल्पना सोरेन से भी कार्रवाई का भरोसा मिलने के बावजूद अब तक न्याय नहीं पाया है।
सवाल यह है कि जब सत्तारूढ़ दल की महिला मोर्चा की जिला सचिव ही अपनी सुरक्षा और न्याय के लिए गुहार लगा रही हैं, तो झारखंड की आम महिलाओं की स्थिति क्या होगी?
जब सत्ता से जुड़ी महिला जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के मामले में भी न्याय की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं, तब आम महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उनकी चिंता और भी गंभीर हो जाती है।
मुख्यमंत्री जी, महिला सुरक्षा केवल भाषणों और सरकारी विज्ञापनों का विषय नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही है।
आशा शर्मा और उनके बेटे को न्याय मिले, सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वालों पर कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
— Amar Kumar Bauri (@amarbauri) November 1, 2026
10 लाख रुपये रंगदारी मांगने और मारपीट का आरोप
आशा देवी ने अपने आवेदन में देवीलाल मुर्मू, सोनू टुडू उर्फ धुनु, रामलाल सोरेन, लुसी किस्कु और सुबोध गोस्वामी समेत अन्य अज्ञात लोगों को आरोपित किया है।उनका आरोप है कि जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर आरोपितों ने गाली-गलौज की और कहा कि पहले 10 लाख रुपये रंगदारी मांगी गई थी, जो नहीं दी गई। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई।पीड़िता के अनुसार, उनके बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया गया और पेट व छाती पर लात-घूंसों से हमला किया गया। उन्होंने साड़ी पकड़कर घसीटने और गलत नीयत से छेड़खानी करने का भी आरोप लगाया है।
बेटे के सिर पर रॉड से वार करने का दावा
आवेदन में कहा गया है कि मां को बचाने पहुंचे बेटे करण शर्मा पर भी हमला किया गया। आशा देवी ने आरोप लगाया है कि सोनू टुडू और लुसी किस्कु ने करण पर लाठी और लोहे की रॉड से वार किया। उनके सिर को निशाना बनाया गया, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आईं।
मोबाइल और सात हजार रुपये छीनने का आरोप
आशा देवी का आरोप है कि मारपीट के दौरान उनका करीब 40 हजार रुपये का ओप्पो मोबाइल फोन छीन लिया गया।वहीं, उनके बेटे की जेब से सात हजार रुपये निकाल लिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने जमीन पर रहना है तो 10 लाख रुपये रंगदारी देने की धमकी दी और ऐसा नहीं करने पर परिवार को परेशान करने की बात कही।
सदर अस्पताल में कराया गया इलाज
पीड़िता के मुताबिक, घटना के दौरान उनके बेटे ने फोन से पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने की जानकारी मिलने पर कथित हमलावर मौके से भाग गए। इसके बाद छोटे बेटे अर्जुन शर्मा और अन्य लोगों की मदद से आशा देवी और करण शर्मा को इलाज के लिए सदर अस्पताल, गिरिडीह ले जाया गया। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इससे पहले भी रंगदारी मांगने और मारपीट की घटना हुई थी। इस संबंध में उनके बेटे ने गांडेय थाना में मामला दर्ज कराया था।
पुलिस कार्रवाई पर टिकी नजर
आशा देवी झामुमो महिला मोर्चा की जिला संगठन सचिव होने के साथ मांगरोडीह पंचायत की निर्वाचित मुखिया भी हैं। उनके साथ हुई कथित घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज है।अब इस मामले में पुलिस की जांच और आरोपितों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर नजर है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।







