गुमलाः नौकरी दिलाने का झांसा देकर 15 वर्षीय नाबालिग को मानव तस्करी के जाल में फंसाने का मामला सामने आया है। बिशुनपुर के एक गांव की किशोरी को गांव की ही एक महिला काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले गयी। फिर वहां से उसे राजस्थान पहुंचा कर कथित तौर पर 50 वर्षीय व्यक्ति के हाथों 20 हजार रुपये में बेच दिया। इसके बाद अधेड़ से उसकी जबरन शादी करा दी गयी, जिसके बाद उसे बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसके साथ लगातार यौन शोषण किया गया और मारपीट की गई। बाद में नाबालिग आरोपी के चंगुल से निकल कर घर पहुंची।

एक नवंबर की शाम में नाबालिग परिजनों के साथ गुमला थाना पहुंची। पीड़ित के अनुसार, इसी साल जुलाई को गांव की जतरी उरांव उसे काम के बहाने दिल्ली ले गयी थी। वहां उसे सुनीता लोहरा नामक महिला को सौंप दिया गया। सुनीता ने कुछ दिनों बाद राजस्थान ले जाकर 50 वर्षीय व्यक्ति से उसकी शादी करा दी। किशोरी का आरोप है कि शादी में मेहनाम भी बुलाये गये थे और मुंह दिखाई की रस्म भी हुई थी। इस सौदे के एवज में सुनीता को 20 हजार रुपये मिले थे। बिशुनपुर थाना प्रभारी अर्जुन यादव ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
घर में बंद रखता था, दरवाजा खुला रहने पर भागी
किशोरी ने बताया कि शादी के बाद उसे बेचनेवाली महिला सुनीता वहां से चली गयी। इसके बाद अधेड़ उसे घर में कैद कर रखने लगा। वह चिकन की दुकान चलाता था और दुकान जाने के दौरान उसे घर में बंद कर देता था। देर रात लौटने के बाद उसके साथ जबरन शीरीरिक संबंध बनाता था। विरोध करने पर मारपीट करता था। इस कारण किशोरी भय और प्रताड़ना के बीच रहने को मजबूर थी। एक दिन अधेड़ सामान्य दिनों से पहले घर लौटकर सो गया और दरवाजा बंद करना भूल गया। नाबालिग ने मौका पाकर भागने का फैसला किया। मुंह दिखाई की रस्म में मिले दो हजार रुपये लेकर वह राजस्थान से दिल्ली और फिर रांची पहुंची। वहां से किसी तरह अपने गांव लौट आयी। घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनायी। इसके बाद परिजनों के साथ बिशुनपुर थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी। आरोप है कि वहां कार्रवाई नहीं होने पर पीड़िता ने अहातु थाना में भी शिकायत दर्ज करायी।







