जीतन राम मांझी की पार्टी झारखंड में 10 सीटों पर लड़ेगी चुनाव, चिराग ने नहीं खोले अबतक पत्ते

NDA में सीट बंटवारे से मांझी और कुशवाहा नाराज, BJP-JDU के अंदर भी सबकुछ ठीक नहीं

रांची: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम झारखंड विधानसभा चुनाव में अपना दमखम दिखाने उतरने वाली है। हम सेक्युलर एनडीए का सदस्य होने के बावजूद झारखंड के दस विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने जा रही है।

हेमंत सोरेन विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर करेंगे JMM नेताओं के साथ बैठक
जीतन राम मांझी ने इसकी घोषणा करने के साथ ही मीडिया से बात करते हुए कहा कि एक बात निश्चित है कि हम पार्टी झारखंड में विधानसभा का चुनाव लड़ेगी। मैने हाल ही में झारखंड के चतरा में एक रैली को संबोधित किया था, पार्टी कम से कम 10 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हम राजग का हिस्सा है, झारखंड में राजग के अन्य गठबंधन सहयोगियों के साथ परामर्श के बाद सीट बंटवारें की जो भी व्यवस्था होगी, मै उसे स्वीकार करूंगा लेकिन हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा झारखंड विधानसभा का चुनाव लड़ेगी ये बिल्किुल स्पष्ट है।

कबूतर की मदद से बेंगलुरु में शख्स 50 से अधिक फ्लैट में कर डाली डकैती, पुलिस भी हैरान
हम के संस्थापक जीतन राम मांझी गया से इस बार लोकसभा का चुनाव जीतकर केंद्र में मंत्री बने है, उन्होने अपने संसदीय क्षेत्र के बगल में स्थित चतरा में पार्टी का कार्यक्रम कर अपना दमखम दिखाने की कोशिश भी की थी। इससे पहले उन्होने रांची में अपने पार्टी का कार्यक्रम भी किया था जिसमें ये संकेत मिल गए थे कि वो यहां होने वाले विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारेंगे। मांझी चाह रहे थे कि उन्होने एनडीए में ही एक या दो सीटें मिल जाए, खासकर चतरा की सीट। लेकिन झारखंड बीजेपी के चुनाव सह प्रभारी हेमंता बिस्व सरमा ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वो आजसू और बीजेपी के साथ ही केवल गठबंधन करेंगे ऐसे में मांझी के पास अकेले चुनाव में उतरने के अलावा कोई विकल्प बचा नहीं है।

- Advertisement -
LD-advertisement

रांची पुलिस के हत्थे चढ़ा 16 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में आया साइको किलर, 50 से ज्यादा मामलों में है आरोपी
दूसरी ओर एनडीए के एक और घटक दल चिराग पासवान भी झारखंड में अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहे है। उन्होने अपनी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी पहली बार रांची में करके संकेत दे दिये थे कि वो झारखंड की राजनीति में भी अपने आप को मजबूत करना चाह रहे है और आने वाले विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने वाले है। उन्होने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए बताया कि 2014 के चुनाव में उनकी पार्टी के उम्मीदवार एनडीए गठबंधन के तहत शिकारीपाड़ा से चुनाव मैदान में थे लेकिन 2019 में गठबंधन नहीं हो पाया और उनकी पार्टी अकेले ही चुनाव में उतरी। इस बार चिराग चाह रहे है कि उन्हे एनडीए में हिस्सेदारी मिले लेकिन बीजेपी की ओर से कोई पहल नहीं किये जाने के बाद वो भी अकेले चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे है। पिछले महीने उन्होने लातेहार में एक सभा को संबोधित भी किया था। मीडिया से बात करते हुए उन्होने पिछले हफ्ते कहा भी था कि वो झारखंड में चुनाव लड़ने को लेकर जल्द ही फैसला कर लेंगे। ज्यादा संभावना इस बात की है कि वो भी जीतन राम मांझी की तरह अकेले ही चुनाव मैदान में उतरें, हालांकि जमीनी हकीकत ये है कि 2019 के चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी के सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। इस बार चिराग और मांझी दोनों चाह रहे है कि उन्हे एससी सीटों पर उम्मीदवार खड़ा करने का मौका बीजेपी दे लेकिन उधर से कोई सकारात्मक पहल नहीं होने पर मांझी की तरह चिराग भी जल्द अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा कर सकते है।

- Advertisement -
royal-soler-new
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now