रांचीः झारखंड हाई कोर्ट से 2 साल बीएड करने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। अदालत में सहायक आचार्य परीक्षा में वैसे सभी अभ्यर्थियों शामिल करने का निर्देश दिया है जिन्हें जेएसएससी ने एक वर्षीय बीएड का कोर्स होने की शर्त के चलते प्रमाण पत्र सत्यापन के दौरान चयन से बाहर कर दिया था।
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इस संबंध में विप्लव दत्त सहित अन्य की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। जिनकी ओर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार और अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज ने पक्ष रखा। उनका कहना था कि एनसीटीई की गाइडलाइन के अनुसार अब हर जगह 2 वर्ष का बीएड का कोर्स किया जा रहा है ऐसे में अभ्यर्थियों को चयन से बाहर करना गैरवाजिब है।मामले की सुनवाई जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई।




