रांची: झारखंड पुलिस के तत्कालीन डीजीपी अनुराग गुप्ता के कार्यकाल में प्रशासनिक दृष्टिकोण से धनबाद से हटाए गए 54 पुलिसकर्मी वापस होंगे। हटाए गए पुलिसकर्मियों की याचिका डब्ल्यूपी (एस) नंबर 1781/2025 में 16 अप्रैल 2026 को झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक रौशन की अदालत ने तत्कालीन स्थानांतरण आदेश को रद करते हुए उक्त आदेश दिया है।
कोर्ट ने डीजीपी को आदेश दिया है कि उक्त के आलोक में तत्काल कार्रवाई करें। पुलिसकर्मियों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया है।उनका कहना है कि बिना किसी आरोप के प्रशासनिक दृष्टिकोण से पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण गलत है।सामान्य स्थानांतरण व प्रशासनिक दृष्टिकोण से स्थानांतरण में अंतर होता है। सामान्य स्थानांतरण में जिस जिले से स्थानांतरित हुए, उसी जिले में वापसी संभव है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से स्थानांतरण मतलब अनुशासनहीनता के आरोप में स्थानांतरण।
प्रशासनिक दृष्टिकोण से स्थानांतरण के लिए पुलिस मैनुअल में नियम है कि इसे किसी भी परिस्थिति में निरस्त नहीं किया जा सकता है। जिस पर यह लगता है, उसे दूसरे जिले में ही स्थानांतरित किया जा सकता है। इस स्थिति में उनकी उसी जिले में पुन: वापसी नहीं हो सकती है।



