डेस्कः ओडिशा के क्योंझर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आदिवासी समाज से आने वाल जीतू मुंडा अपनी बहन के कंकाल को लेकर बैंक जाते हुए नजर आ रहा है। जिसने भी ये वीडियो देखा सबके रोंगेटे खड़े हो गए, बेबसी की ऐसी तस्वीर समाज और सिस्टम दोनों पर तमाचा है।ये घटना क्योंझर जिले के पटना इलाके के दियानाली गांव की है। यहां रहने वाले जीतू मुंडा की बड़ी बहन की करीब दो महीने पहले बीमारी से मौत हो गई थी।बहन ने अपनी मृत्यु से पहले ओडिशा ग्राम्य बैंक में करीब 19 हजार रुपये जमा किए थे, जो उसने अपने मवेशी बेचकर कमाए थे।
19 हजार रुपये के लिए ओडिशा के युवक को श्मशान से खोदना पड़ा बहन का शव,कंकाल लेकर पहुंचा बैंक।संवेदनहीनता का एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया।यह घटना सिस्टम पर करारा तमाचा है pic.twitter.com/8S8nDqT4zs
— Sohan singh (@sohansingh05) April 28, 2026
बैंक कर्मचारियों ने पैसे देने से कर दिया था इनकार
खबरों के मुताबिक, जीतू मुंडा कई बार बैंक जाकर अधिकारियों से अपनी दिवंगत बहन के खाते से पैसे निकालने की अनुमति मांग रहा था।बैंक कर्मचारियों को उसकी मौत की सूचना देने के बावजूद कई बार उसके अनुरोध कथित तौर पर ठुकरा दिए गए, क्योंकि अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि लेनदेन को अधिकृत करने के लिए खाताधारक की व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक है।बार-बार मना किए जाने से निराश होकर जीतू मुंडा ने कथित तौर पर अपनी बहन के अवशेष को, जिसे लगभग दो महीने पहले दफनाया गया था, कब्र से खोदकर निकाला और विरोध जताने के लिए उसे बैंक ले आया। इस कृत्य ने स्थानीय लोगों और अधिकारियों का तुरंत ध्यान खींचा।

बैंक अधिकारियों के साथ ही पुलिस ने भी साधी चुप्पी
सूचना मिलते ही पटना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल हस्तक्षेप किया।पुलिस ने स्थिति को शांत कराया और बाद में कंकाल को फिर से दफनाने के लिए दियानाली गांव ले गए।फिलहाल इस घटना के संबंध में अबतक बैंक अधिकारियों या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। क्षेत्र में बैंक कर्मचारियों के रवैये को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।
ओडिशा से आई ये खबर जितनी अजीब है, उतनी ही दर्दनाक भी।
एक व्यक्ति अपनी मृत बहन की कंकाल को बैंक तक ले आया… सिर्फ इसलिए कि वो साबित कर सके कि उसकी बहन अब इस दुनिया में नहीं है। उसे बस ₹20,000 निकालने थे, लेकिन बार-बार उससे कहा गया - “खाताधारक को खुद आना होगा।”
सोचिए, कितनी… pic.twitter.com/EyD5uXmQhx
— Lutyens Media (@LutyensMediaIN) April 28, 2026



