17 साल बाद होगी झारखंड पात्रता परीक्षा, नो निगेटिव मार्किंग व उम्र सीमा की बाध्यता नहीं, 2404 पदों पर होगी नियुक्ति

17 साल बाद होगी झारखंड पात्रता परीक्षा, नो निगेटिव मार्किंग व उम्र सीमा की बाध्यता नहीं, 2404 पदों पर होगी नियुक्ति

रांचीः झारखंड के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की कमी दूर करने तथा पीएचडी के प्रवेश के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग जल्द ही झारखंड पात्रता परीक्षा का आयोजन करेगा। कुल 43 विषयों के लिए आयोग द्वारा शीघ्र ही विज्ञापन जारी कर आवेदन मांगने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। लगभग 17 साल के बाद जेट का आयोजन रांची के विभिन्न केंद्रों पर होगा। परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों की उम्र सीमा का निर्धारण नहीं होगा।

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अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ने पर जमशेदपुर और बोकारो में भी केंद्र बनाये जा सकते हैं। परीक्षा ओएमआर शीट पर ली जायेगी। इसके लिए तीन घंटे की परीक्षा बिना ब्रेक की ली जायेगी। मल्टीपल च्वाइस के प्रथम पत्र में 50 प्रश्न होंगे, जो 100 अंकों का होगा, जबकि द्वितीय पत्र में 100 प्रश्न होंगे, जो 200 अंकों का होगा। सभी प्रश्नों का उत्तर देना अनिवार्य होगा। निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। इस परीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण रहेगा कि कुल शामिल अभ्यर्थियों का छह प्रतिशत ही रिजल्ट जारी किया जायेगा, जिसमें 40 प्रतिशत अनारक्षित व 60 प्रतिशत आरक्षित कोटा के रहने की संभावना है। क्वालिफाइंग मार्क्स अनारक्षित व इडब्यूएस के लिए 40 प्रतिशत होंगे, जबकि एसटी-एससी व बीसी के लिए 35 प्रतिशत होंगे। मालूम हो कि जेट परीक्षा का इंतजार राज्य के अभ्यर्थियों को लंबे समय से था। परीक्षा होने पर उन्हे असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का अवसर मिलेगा।

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उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग व विभिन्न विवि द्वारा भेजी गयी अधियाचना के तहत कुल 2404 पदों पर असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति की जानी ह। इसमें कुल 60 विषयों में 2154 पद रेगुलर हैं, जबकि 250 पद बैकलॉग के है। आयोग ने सात मार्च 2024 को एक सूची जारी कर कहा था कि जेट का आयोजन मई या जून 2024 में संभावित है। शीघ्र ही विज्ञापन जारी होगा, लेकिन एक साल तक मामला लंबित रख दिया गया। झारखंड गठन के बाद पहली बार जेट का आयोजन वर्ष 2008 में हुआ, जिसकी सीबीआई से जांच चल रही है।

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आयोग द्वारा विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रक्रिया में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट), पीएचडी की तरह ही झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) को प्राथमिकता मिलेगी। इसके लिए अंक निर्धारित किये जायेंगे। इतना ही नहीं राज्य सरकार ने जेट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को पीएचडी में नामांकन लेने पर प्रोत्साहन राशि भी देने का निर्णय लिया है। इसके तहत सरकार वैसे अभ्यर्थियों को 22500 रुपये प्रतिमाह राशि प्रदान करेगी।

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