जमशेदपुरः घाघीडीह केंद्रीय कारा में कैद धनबाद के कुख्यात अपराधी फहीम खान से संपर्क में आने के बाद मानगो-उलीडीह क्षेत्र के कुछ अपराधियों ने मिलकर गैंग्स ऑफ वासेपुर नाम का गैंग तैयार किया है। हयातनगर, उलीडीह और डिमना बस्ती क्षेत्र में सक्रिय इस गिरोह ने सोशल मीडिया पर पेज बनाकर एक व्यक्ति को खुलेआम धमकी देने के साथ-साथ बड़ी घटना को अंजाम देने की चेतावनी भी दी है।
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गैंग में महबूब, नेयाज, रेयाज समेत 4-5 युवक शामिल बताए जा रहे हैं। जवाहरनगर रोड़ नंबर-13 स्थित तैयब मस्जिद के पास रहने वाले एक युवक से विवाद के बाद गिरोह ने सोशल मीडिया पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद जिला पुलिस ने गैंग के सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि गैंग्स ऑफ वासेपुर के नाम से अपराधी सोशल मीडिया पर एक दूसरे को धमकी देने की सूचना मिली है। पुलिस बदमाशों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है। किसी भी कीमत पर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। जो भी अपराधी सोशल मीडिया पर धमकी दे रेह है, उनपर पुलिस की नजर है।
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गैंग के मुख्य सदस्य महबूब और नेयाज अपने साथियों के साथ उलीडीह और डिमना बस्ती क्षेत्र में हथ्यिार का भय दिखाकर रंगदारी वसूल रहे हैं। दुकानदार और स्थानीय लोग दहशत के कारण शिकायत दर्ज कराने में भी झिझक रहे हैं। चार दिन पहले ही गैंग के सदस्यों ने हयातनगर के रहने वाले औराम बच्चा के घर में घुसकर मारपीट और लूटपाट की। इसकी शिकायत उलीडीह थाना में दर्ज कराई गई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की , जिसका फायदा उठाकर बदमाश फिर से खुलेआम हथियार लहराते हुए धमकियां दे रहे हैं।
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हत्या के मामले में जा चुके हैं जेलः हयातनगर में वर्ष 2019 में राज मिस्त्री जुल्फेकार की रंगदारी नहीं देने पर हत्या कर दी गई थी। मामले में महबूब, नेयाज और दो अन्य आरोपियों को जेल भेजा गया था। करीब एक वर्ष पहले से आरोपी जमानत पर बाहर आए। जेल में रहने के दौरान इनकी पहचान धनबाद के कुख्यात फहीम खान से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने क्षेत्र में अपना नेटवर्क मजबूत करने और दहशत फैलाने के गैंग का गठन किया।




