डेस्कः बिहार में सापों के मसीहा कहे जाने वाले समस्तीपुर के रहने वाले जय सहनी की मौत सांप के डसने से हो गया। पिछले पांच सालों में जय सहनी ने 2000 से ज्यादा सांपों को रेस्क्यू किया था। जो शख्स सांपों की जान बचाता था उसकी मौत सांप के जहर से ही हो गयी।

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बताया जाता है कि समस्तीपुर के हरपुर भिंडी पंचायत के रहने वाले जय कुमार सहनी को सभी सांप मित्र के नाम से जानते थे। विषैले सांपों को वो चुटकी बजाकर अपने वश में कर लेते थे और फिर उसे जंगलों में छोड़ देते थे। सांपों से दोस्ती को लेकर उसका आत्म विश्वास सांतवें आसमान पर था।

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जय सांप के साथ कई बार करतब दिखाता रहता था। उसका आत्मविश्वास इतना बढ़ गया था कि उसने बिना छड़ी के ही सांप को पकड़ना शुरू कर दिया था। इसी गलतफहमी का वो शिकार हो गया। गुनाई बसही पंचायत में वो सांप को रेस्क्यू करने गया था। इसी दौरान उसे कोबरा ने दाहिने हाथ के अंगूठे में काट लिया। घटना के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें स्थानीय एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल में तैनात डॉक्टर संतोष कुमार ने बताया कि जब तक जय कुमार सहनी को सदर अस्पताल लाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। जहर पूरे शरीर में फैल चुका था और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।

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जय सहनी की शादी करीब 13 साल पहले हुई थी. उनके दो छोटे बच्चे हैं। जय के पिता शिवलगन सहनी ने बताया कि जय को बचपन से ही जानवरों से लगाव था और उसने बिना किसी ट्रेनिंग के यह काम सीखा था। वह घंटों सांपों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के काम में लगा रहता था। सर्पदंश के कारण युवक की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।




