Breaking News: गोड्डा में जयराम महतो की पार्टी के नेता सूर्या हांसदा एनकाउंट में मारा गया, कई आपराधिक मामलों में था वांटेड

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August 11, 2025

सूर्या हांसदा एनकाउंट CID ने किया टेकओवर, DGP के आदेश पर जांच शुरू

रांचीः विधायक जयराम महतो की पार्टी के नेता सूर्या हांसदा गोड्डा में पुलिए एनकाउंटर में मारा गया है। सूर्या हांसदा 2024 में बीजेपी छोड़कर जेएलकेएम पार्टी में शामिल हुआ था। ललमटिया थाना क्षेत्र के बोआरीजोर पुलिस और सूर्या हांसदा के बीच एनकाउंटर हुआ है।  सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम ने विशेष अभियान चलाकर हांसदा को घेराबंदी में लिया, जिसके दौरान गोलीबारी हुई। मुठभेड़ में सूर्या हांसदा मारा गया है। सूर्या हांसदा की गोड्डा में स्थानीय पत्रकारों से कहा था कि उसे गिरफ्तार किया गया है।

सूर्या हांसदा का आपराधिक इतिहास रहा है और उनके खिलाफ गोड्डा व साहेबगंज जिलों के कई थानों में गंभीर मामले दर्ज थे। 2019 में उन्होंने बोरियो विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। हाल के दिनों में पुलिस उनके खिलाफ लगातार अभियान चला रही थी।

सूर्या हांसदा को बीजेपी में किया गया था शामिल, रांची स्थित बीजेपी कार्यालय में 2019 में सूर्या हांसदा को बीजेपी की सदस्यता दिलाई गई थी ।2024 चुनाव में जयराम महतो की पार्टी के उम्मीदवार के रूप में सूर्या हांसदा चुनाव लड़ चुके है।

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बीजेपी के पूर्व नेता सूर्या हांसदा का आपराधिक रिकॉर्ड काफ़ी लंबा रहा है। गोड्डा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में उनके खिलाफ दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए वे लंबे समय से फरार चल रहे थे।

सबसे चर्चित मामला 9 जनवरी 2020 का है, जब गोड्डा जिले के ठाकुर गंगटी थाना क्षेत्र के बहादुरचक के पास अडाणी कंपनी के वाटर पाइपलाइन कार्य में लगे वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। जांच में सामने आया कि इस घटना की साजिश सूर्या हांसदा ने रची थी। तत्कालीन गोड्डा एसपी शैलेंद्र वर्णवाल के नेतृत्व में बनी विशेष टीम ने मामले में शामिल तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया था।

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गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि वारदात से एक रात पहले सूर्या हांसदा ने अपने घर पर बैठक बुलाई थी, जहां सभी को भोजन कराया गया। बैठक में हांसदा ने पेट्रोल और डीज़ल देकर अडाणी कंपनी के वाहनों में आग लगाने का निर्देश दिया। इसके बाद सभी के मोबाइल बंद करवा दिए गए और घटना की रात हांसदा खुद भी मौके पर मौजूद रहे।

मजदूरों से मारपीट कर उन्हें घायल किया गया और फिर हाईड्रा क्रेन, पोकलेन मशीन और जनरेटर में आग लगा दी गई। इस घटना के बाद से हांसदा पुलिस की पकड़ से दूर थे।

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बताया जा रहा है कि सूर्या हांसदा ईसीएल परियोजना में हुई गोलीबारी समेत कई मामलों में वांछित था। पिछले काफी समय से सूर्या हांसदा बीमार चल रहा था। वेल्लोर से इलाज कराकर लौटने के बाद वो अपनी मौसी के घर देवघर जिले के नावाडीह थाना क्षेत्र में रह रहा था। देवघर से गोड्डा पुलिस ने उसे अरेस्ट किया और गोड्डा ले जा रही थी इसी दौरान पुलिस के साथ उसका एनकाउंटर हो गया जिसमें वो मारा गया।

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