गुमला: जिले में चल रहे ‘सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा’ अभियान के तहत ‘सीख से सुरक्षा, तकनीक से परिवर्तन’ थीम पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम के दूसरे दिन शुक्रवार को जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने शहर के व्यस्त पटेल चौक पर एक अनोखा अभियान चलाया। इस दौरान अधिकारियों ने गांधीवादी तरीका अपनाते हुए लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। अभियान के तहत जो वाहन चालक हेलमेट और सीट बेल्ट लगाकर नियमों का पालन करते दिखे, उन्हें उप विकास आयुक्त् दिलेश्वर महतो, जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल एवं पुलिस अधिकारियों ने गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया। वहीं, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और ट्रिपल लोडिंग करने वाले चालकों का चालान काटने के बजाए उन्हें माला पहनाकर समझाया गया, ताकि वे अपनी लापरवाही से होने वाले खतरों को समझें और आगे से नियमों का पालन करें।

अभियान का नेतृत्व उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो ने किया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं किस्मत का नहीं, बल्कि लापरवाही का परिणाम होती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें, क्योंकि घर पर परिवार उनके सुरक्षित लौटने का इंतजार करता है। कार्यक्रम के दौरान लोगों को यह भी बताया गया कि हेलमेट और सीट बेल्ट जीवन रक्षा का कवच हैं, जिन्हें केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए अपनाना चाहिए। झारखंड सरकार ने वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य तय किया है। इसी के तहत 1 से 31 जनवरी तक जिले में जागरूकता रथ, स्कूलों में कार्यक्रम और विशेष जांच अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सड़क सुरक्षा से जोड़ा जा सके। इस अभियान में एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, सार्जेंट मेजर अभिमन्यु कुमार और थाना प्रभारी महेंद्र करमाली सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




