रांची के होटल में चल रहा था अवैध धंधा, छापेमारी में बीजेपी ने राजीव रंजन गिरफ्तार

रांचीः राजधानी रांची में वन्यजीव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। वन विभाग के वाइल्ड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो ने गुरुवार को मेन रोड़ स्थित नटराज होटल में छापेमारी कर गोह (मॉनिटर लिजार्ड) के 30 जननांग बरामद किया। इसके साथ बीजेपी नेता लेक रोड़ के रहने वाले राजीव रंजन मिश्रा उर्फ चुन्नू, उनके बेटे अविनाश आनंद और रेडियम रोड़ के रहने वाले अरुण राम को गिरफ्तार किया। राजीव रंजन 2014 में रांची विधानसभा सीट से बाबूलाल मरांडी की पार्टी जेवीएम से चुनाव लड़ चुके हैं। वे कई धार्मिक संगठनों से भी जुड़े हैं।
वाइल्ड लाइफ कंट्रोल ब्यूरो को सूचना मिली थी कि नटराज होटल में कुछ लोग ठहरे हैं, जो गोह के जननांग की तस्करी कर रहे हैं। इसके बाद डीएफओ श्रीकांत वर्मा ने टीम का गठन किया। इस टीम ने दोपहर 12.30 बजे होटल में छापेमारी की। वहां कमरा नंबर 203 में तीनों आरोपी मिले। उनके पास से काले रंग के प्लास्टिक बैग में गोह के 30 जननांग मिले।

See also  नेता जी को पहले माला पहनाया, फिर कर दी थप्पड़ों की बरसात, मोदी ने जिसे कहा था 'कटप्पा' उसका VIDEO हुआ वायरल

IMG 20260515 WA0001
पश्चिम बंगाल के विष्णु के नाम पर बुक थे दो कमरे
वन विभाग की जांच में पता चला कि होटल में पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर निवासी विष्णु कुमार गुप्ता के नाम पर कमरा नंबर 203 और 206 बुक कराया गया था। 13 मई से ही दोनों कमरे बुक थे। इनमें से एक कमरे में तीनों आरोपी पकड़े गए।
वशीकरण और यौन शक्ति बढ़ाने में होता है इस्तेमाल
गोह बड़ी छिपकली प्रजाति का वन्य जीव है। इसकी लंबाई चार से छह फीट तक होती है। तस्कर और अंधविश्वास फैलाने वाले लोग इसे तंत्र-मंत्र, वशीकरण और यौन शक्ति बढ़ाने वाली वस्तु बताकर बेचते हैं। हालांकि वैज्ञानिक रूप से इसका कोई प्रमाण नहीं है। कुछ जगहों पर इसे ‘हाथजोड़ी’ नाम से भी बेचा जाता है, क्योकि सूखने के बाद इसका आकार हाथ जोड़ने जैसा दिखता है। विदेशों में एक जननांग के करीब 300 डॉलर तक मिलते है।
मौके से तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया:
वन विभाग की टीम ने मौके से तीन लोगों को हिरासत में लिया। जिनमें राजीव रंजन मिश्रा (64 वर्ष) लेक रोड, बड़ा तालाब, रांची का रहने वाला, अविनाश आनन्द (32 वर्ष) लेक रोड, बड़ा तालाब, रांची निवासी और अरूण राम, कचहरी चौक, रेडियम रोड निवासी शामिल हैं।वन विभाग के अनुसार, यह कार्य वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की विभिन्न धाराओं (2, 9, 39, 44, 49B, 50(1)C, 51) के तहत एक गंभीर और संज्ञेय अपराध है। अभियुक्तों ने पूछताछ में तस्करी को लेकर अनभिज्ञता जाहिर की, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह पूरी कार्रवाई वन क्षेत्र पदाधिकारी, रांची वनरोपण प्रक्षेत्र, बेड़ो के नेतृत्व में की गई।

See also  लाइन पर राज्यपाल साहब हैं.... ट्रैफिक नियम तोड़ने पर रांची पुलिस को दिखाने लगा फर्जी रसूख, दो पकड़ाये
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now