NEET एग्जाम को लेकर धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा ऐलान, 15 मिनट अतिरिक्त समय, 14 जून तक एडमिट कार्ड,अगले साल से ऑनलाइन होगी परीक्षा

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May 15, 2026

NEET एग्जाम को लेकर धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा ऐलान, 15 मिनट अतिरिक्त समय, 14 जून तक एडमिट कार्ड,अगले साल से ऑनलाइन होगी परीक्षा

डेस्कः NEET 2026 पेपर लीक मामले पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इस दौरान उन्होंने बताया कि अगले साल NEET की परीक्षा कंप्यूटर आधारित परीक्षा होगी।यानी अगले साल से ये परीक्षा OMR शीट पर होगी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, इस बार परीक्षा में 15 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। 21 जून को परीक्षा के लिए छात्रों को मनपसंद सेंटर मिलेगा। दोपहर 2 बजे से 5.15 बजे तक का परीक्षा होगा। 21 जून की परीक्षा के लिए 14 जून तक एडमिट कार्ड मिल जाएगा। उन्होंने आगे कहा, NTA सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनी, एक करोड़ बच्चों की परीक्षा करवाती है। NTA ने फ़ैसला लिया कि फीस हम वापस करेंगे।छात्रों को उनके पसंद का शहर परीक्षा के लिए चुनने की आज़ादी देंगे।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 3 मई को नीट की परीक्षा हुई थी। 7 मई को खबर सामने आई कि गेस पेपर वाले सवाल ही नीट परीक्षा में आए हैं। हमने तुरंत प्रारंभिक जांच की. मामला एजेंसियों को सौंप दिया गया। 8 मई को जांच की प्रक्रिया शुरु हुई और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। शिक्षा माफियाओं को हराने के लिए ये फैसला छात्रों के हित में लिया गया। उन्होंने ये भी कहा कि सीबीआई इस मामले की जांच कर रही। गड़बड़ी की कोशिश करने वालों को सजा दी जाएगी। दोबारा परीक्षा देने में छात्रों पर कोई आर्थिक बोझ न आए इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
दुख के साथ लिया गया फैसला 
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हम इस घटना से बहुत दुखी हैं, लेकिन एक बड़े उद्देश्य को देखते हुए हमें ये फैसला लेना पड़ा ताकि अन्याय न हो सके. हमें अनेक सुझाव मिले हैं। एनटीए में जीरो एरर हो यह हमारा दायित्व है और हम यह करके रहेंगे। एनटीए हर साल एक करोड़ बच्चों का एग्जाम कराती है। विद्यार्थियों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े उसका हम दायित्व लेते हैं। एनटीए ने तय किया है कि हम एक सप्ताह विद्यार्थियों को अपने पसंद का शहर में परीक्षा देने का मौका देंगे। उन्होंने आगे कहा कि जांच के दौरान 12 मई तक यह साफ हो गया कि गेस पेपर के नाम पर असली प्रश्नपत्र के सवाल बाहर पहुंचे थे।उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि शिक्षा माफिया की वजह से किसी ईमानदार और मेहनती छात्र का हक छीना जाए।

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