रांचीः झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी विधायक चंपाई सोरेन के पोते वीर सोरेन को श्रद्धांजलि देने गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिलिंगगोड़ा पहुंचे। सरायकेला-खरसावां में चंपाई सोरेन के पैतृक गांव जिलिंगगोड़ा में वीर सोरेन का अंतिम संस्कार पूरे आदिवासी रीति-रिवाज के साथ किया गया।
एक नौजवान, घर का चिराग़ अगर गुजर जाये तो परिवार के लिए अत्यंत विकट क्षण होता है, साथ ही जुड़े हुए लोगों के लिए भी मर्माहत करने वाला होता है।
आज जिलिंगगोड़ा पहुंचकर दिवंगत वीर के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान… pic.twitter.com/bTI1ed6g9C
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) February 26, 2026
झारखंड सरकार ने सारंडा अभयारण्य संबंधी आदेश पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की, विधायक सरयू रॉय का दावा
जिलिंगगोड़ा पहुंचकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चंपाई सोरेन और बाबूलाल सोरेन को ढ़ांढस बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि इससे बड़े दुःख की बात क्या हो सकती है कि कोई अपने बेटे, कोई अपने पोते को कंधा दे। आज बड़ा ही मर्माहत करने वाला क्षण है यहां पर, घर का चिराग गुजर जाने का मलाल घर-परिवार को तो होता ही है और जो लोग जुड़े हुए रहते है वे भी मर्माहत रहते है। मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल आदरणीय श्री चंपई सोरेन जी और पूरे परिवार को यह विकट घड़ी सहन करने की शक्ति दे।




