Hemant Soren: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कैबिनेट का पहला विस्तार सोमवार (8 जुलाई) को होगा। झारखंड विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद दोपहर साढ़े तीन बजे राजभवन में मंत्री पद का शपथ ग्रहण होगा। झामुमो कोटे से पांच से छह, कांग्रेस से चार और राजद कोटे से एक विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। कुछ नए चेहरों की इंट्री होगी।
कुछ नए चेहरे हो सकते हैं शामिल
पिछली चंपाई सोरेन सरकार के कैबिनेट से इस बार फेरदबदल हो सकता है। मुख्यमंत्री के रूप में हेमंत सोरेन के बाद विधायक बैद्यनाथ राम की झामुमो से कैबिनेट में इंट्री होगी, वहीं कांग्रेस से डॉ इरफान अंसारी शामिल होंगे। कांग्रेस से दो पूर्व मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव और बादल हटे तो दीपिका पांडेय सिंह और रामचंद्र सिंह चेरो मंत्रिमंडल में नए चेहरे हो सकेंगे। राजद के एक मात्र विधायक सत्यानंद भोक्ता की भी मंत्रिपरिषद में जगह तय है।
बैद्यनाथ राम भी हो सकते हैं कैबिनेट में शामिल
झामुमो कोटे से दीपक बिरुआ, मिथिलेश ठाकुर, बेबी देवी, हफीजुल हसन, बसंत सोरेन का मंत्री बनना तय है। चंपाई कैबिनेट में विधायक बैद्यनाथ राम को भी मंत्री बनाने के लिए वारंट जारी हुआ था, लेकिन अंतिम समय में उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया था। ऐसे में हेमंत सोरेन सरकार बचे समय के लिए 12वें मंत्री के रूप में उन्हें कैबिनेट में शामिल कर सकती है। अनुसूचित जाति कोटे से कोई मंत्री सरकार में नहीं रहे हैं। वहीं, कांग्रेस से बन्ना गुप्ता और डॉ इरफान अंसारी मंत्री बनने जा रहे हैं।
इन मंत्रियों को बदल सकती है कांग्रेस
डॉ रामेश्वर उरांव और बादल पर संशय है। पार्टी आलाकमान के पास लोकसभा चुनाव परिणाम की समीक्षा के दौरान इनके पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में काम नहीं करने का आरोप सामने आया। आलाकमान ने इस पर नाराजगी जतायी थी। ऐसे में आलाकमान के निर्देश के बाद इन्हें नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया जा सकता है। कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने इसके संकेत भी दे दिए हैं।
इनकी जगह पर दीपिका पांडेय सिंह और रामचंद्र सिंह चेरो शामिल हो सकते हैं। दीपिका पांडेय सिंह को लोकसभा का टिकट दिया गया था, लेकिन बाद में वापस लेकर विधायक प्रदीप यादव को दे दिया गया था। इस वजह से पार्टी उन्हें डैमेज कंट्रोल के रूप में मंत्री बना सकती है। पलामू प्रमंडल से सरकार में कांग्रेस का कोई मंत्री नहीं हुए थे। रामचंद्र सिंह चेरो उत्कृष्ट विधायक भी हैं। ऐसे में कैबिनेट में उन्हें मौका मिल सकता है। अगर दक्षिणी छोटानागपुर से मंत्री बनाने की बात हुई तो रेस में भूषण बाड़ा सबसे आगे हैं।




